कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे तराई के लोगों में दहशत का माहौल है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं। वहीं नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन सतर्क हो गया है और राजस्व निरीक्षकों को पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा गया है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में सरयू नदी के जलस्तर का बढ़ाना जारी है। जिस तरह से नदी का पानी बढ़ रहा है, यदि यही हाल रहा तो यह तराई के गांवों तक कभी भी पहुंच सकता है। गोबरहा, कहरानपुरवा, तेलवारी, सनावा, नव्वनपुरवा व मझरायपुर आदि गांव नदी के सबसे निचले स्तर पर बसे हैं। इन गांवों में सबसे पहले पानी आने का खतरा बना हुआ है।
नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर इन गांवों में एक बार फिर अलर्ट जारी कर दिया है। यहां लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। निचले इलाकों में बसे लोगों को ऊंचे स्थान पर जाने को कह दिया है। उधर, गोबरहा, तेलवारी व कहरानपुरवा गांव के पास हो रही कटान ने भी तेजी पकड़ ली हैं। इससे यहां के लोग खासे परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि बाढ़ खंड की लापरवाही की वजह से कटान नहीं रुक रहा है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित लोगों में लखनऊ निवासी ओम सिंह ने रविवार को ब्रेड, दूध व बिस्कुट के साथ कपड़ों का भी वितरण किया और इसके साथ ही सभी की हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया।
एसडीएम सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया किएसडाएम सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी है। जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है और राजस्व कर्मियों को किसी भी स्थित से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।