फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल से फिर छोड़ा गया 3 लाख क्यूसेक पानी, तराई के बिगड़े हालात

विज्ञापन
विज्ञापन
कोटवाधाम/गनेशपुर (बाराबंकी)। नेपाल द्वारा बैराजों से पिछले तीन दिनों से लगातार सरयू में छोड़े जा रहे पानी से तराई के हालात बिगड़ने लगे हैं। नदी का जलस्तर प्रतिघंटे दो सेमी की रफ्तार से बढ़ने लगा है। यह खतरे के निशान को पार कर 32 सेमी ऊपर पहुंच गया। इससे तराई के हालात अभी और बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं नदी का पानी तराई के एक दर्जन गांवों में भर जाने से यहां के लोगों ने पलायन तेज कर दिया है। लोग अलीनगर-रानीमऊ बांध पर शरण लेने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, नेपाली बैराजों से पिछले तीन दिनों से लगातार सरयू में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का पानी प्रतिघंटे दो सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है और जलस्तर 32 सेमी ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी अभी और बढ़ेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
तहसील क्षेत्र के टेपरा, नव्वनपुरवा, गोबरहा, कहारनपुरवा, मझारायपुर, परसवाल, रेता समेत एक दर्जन गांवों में पानी भर जाने के कारण यहां के लोगों ने पलायन तेज कर दिया है। गांवों को जाने वाले मार्गों पर पानी पहुंच जाने से लोग नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा सनावा, तेलवारी, भयकपुरवा, बघौलीपुरवा, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा, बबुरी, मनीरामपुरवा, सरदाहा, परसा, घुंटरू, इटहुआ, भैरवकोल, विहड़, बेहटा आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं सूरतगंज क्षेत्र के सुंदरनगर, जमका, बेलहरी, ललपुरवा, कोडरी, बलाईपुर, कचनापुर,बाबा पुरवा मदरहा गांव नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई मदद नहीं मिल सकी है। इससे हम लोग निजी नावों के सहारे बांध पर पहुंच रहे हैं।
नदी के निशाने पर दो गांव और विद्यालय
सरयू के निशाने पर सनावा और तेलवारी गांव आ गया हैं। यहां पर कटान तेज हो गई है। बाढ़ खण्ड के अधिकारी लगातार जेसीबी मशीन से नदी का किनारा खोदकर उसमें जिओ बैग, हवा से भरकर मोटे पाइप डालने में जुटे हुए हैं। मगर कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है।
उधर कहारनपुरवा के पास भी बढ़ते जलस्तर के साथ कटान तेज हो गयी है। नदी का पानी धान की फसल को काटकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा टिकैतनगर क्षेत्र के पूरेडलई ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय किठूली भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। लेकिन इसे बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
नेपाली बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद सरयू का पानी लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी तराई के कई गांवों तक पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। तीनों तहसीलों के एसडीएम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। तराई की स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन

-राकेश कुमार सिंह, एडीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें