नेपाल द्वारा सोमवार को फिर 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ जाने के बाद तराई के हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। नदी का जलस्तर जहां खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया हैं वहीं तीनों तहसीलों के करीब 25 गांवों में पानी भर जाने से हड़कंप मचा हुआ है और यहां के लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। इसके अलावा कई मार्गों पर पानी भर जाने के कारण आवागमन बंद हो गया है अब इन गांवों तक पहुंचने का एकमात्र साधन नावें ही बची हैं। वहीं रामसनेहीघाट तहसील के बसंतपुर गांव के पास कटान काफी तेज हो गई है और यहां के कई मकान नदी के निशाने पर आ गए हैं।
नेपाल द्वारा सोमवार को गिरजा बैराज से सोमवार को 1 लाख 37 हजार 234 तथा शारदा बैराज से 1 लाख 57 हजार 290 क्यूसेक पानी सरयू में और छोड़ दिया गया है। जिससे तराई के जहां 25 गांवों में पानी भर गया है वहीं चार दर्जन से ज्यादा गांव पानी से घिर गए हैं। एल्ग्नि ब्रिज पर बने कंट्रोल रुम के अनुसार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर बह रहा है और इसके अभी और बढ़ने के आसार हैं।
वहीं सिरौलीगौसपुर के तेलवारी, गोबरहा, इटहुआ, भैरवकोल, बघौलीपुरवा, टेपरा, नव्वन पुरवा, मंझारायपुर, परसवाल सहित अन्य गांव पूरी तरह से पानी भर गया है। यहां के लोगों ने पलायन तेज कर दिया है। तेलवारी गांव के प्राथमिक विद्यालय तक पानी पहुंच गया है। इसके अलावा सनावा, सरायसुर्जन, बबुरी, परसा, घुटरू, सरदहा, कहारनपुरवा, कोठीडीहा, सिरौली गुंग सहित कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
इसके अलावा कई मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन भी बंद हो गया है। लोग नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। रामनगर तहसील के सुंदरनगर, कोडरी, कंचनापुर, बेलहरी गांव पूर्णतया बाढ़ के पानी की चपेट में है, जबकि ललपुरवा गांव में चारों ओर पानी भरा हुआ है। कंचनापुर के नाले से होकर बाढ़ का पानी तटबंध के किनारे फैल रहा है। जिससे कोडरी और सुंदरनगर में लगातार पानी तेजी से बढ़ रहा है।
यहां के लोगों का पलायन तेजी से शुरू हो गया। तटबंध पर शरण लिए सुंदरनगर के छेदी, कल्लू, मो. अहमद, लालता, सागर व अनवर आदि ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक तिरपाल आदि की कोई व्यवस्था नहीं कराईं गई है। वहीं सोमवार को रामनगर उपजिलाधिकारी तान्या सिंह ने टीम के साथ हेतमापुर बाढ़ क्षेत्र पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
बसंतपुर के पास तेज हुई कटान
रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के बसंतपुर पत्रा के पास कटान काफी तेज हो गई है गांव के करीब आधा दर्जन मकान नदी के निशाने पर आ गए हैं। यहां के रहने रामपाल, सुंदर, लालकुमार आदि ने बताया नदी का पानी अंदर ही अंदर काटता है और इसके बाद एक बड़ा भाग भरभरा कर नदी में समा जाता है। यहां के लोगों ने बताया कि कटान पिछले तीन दिनों से काफी तेजी से हो रही लेकिन सूचना दिए जाने के बाद बाढ़ और तहसील प्रशासन का कोई अभी अधिकारी मौके तक नहीं आया है। कटान तेज होती देख यहां के लोग मकान तोड़कर सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन की तैयारी में जुट गए हैं।
नेपाल द्वारा पिछले कई दिनों से सरयू नदी में पानी छोड़ा जा रहा है सोमवार को भी करीब 3 लाख क्यूसेक पानी दो बैराजों से सरयू में ोछोड़ा गया है। जिसके चलते नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया है। तीनों तहसीलों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और यहां के एसडीएम को गांवों का भ्रमण कर बाढ़ पीड़ितों की यथा संभव मदद कराने के आदेश दिए गए हैं। तराई के गांवों के साथ ही नदी के जलस्तर पर भी बराबर नजर रखी जा रही है।
राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी