कोटवाधाम/टिकैतनगर। नेपाल के बैराजों से छोड़े जा रहे पानी व जिले में लगातार हो रही बरसात के कारण सरयू का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी के उफनाने से तराई इलाके के करीब 30 गांवों में बाढ़ से हालात बिगड़ने लगे हैं।
नदी का कटान खेतिहर जमीन को काटकर अपने साथ पानी में ले जा रहा है। खड़ी फसलों के डूबने से किसान परेशानहाल हैं। हालात बिगड़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों में चूल्हे तक जलना मुश्किल होने लगे हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर पहुंचाए जाने वाले भोजन के पैकेट पहुंचते ही बाढ़ पीड़ितों की भीड़ जुट जाती है। सिरौलीगौसपुर के 18 से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। नदी के उस पार बसे माझा रायपुर, परसवाल और बेहटा में पानी घरों के पास पहुंच गया है। नदी के इस पार तेलवारी, गोबरहा, भैरवकोल, सरायसुर्जन, सनावा, कहरनपुरवा, बघौलीपुरवा, टेपरा, बीहड़, बबुरी और घुटरू समेत कई गांवों के आसपास बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है। किसान अगनू, रामहरख, उदयराज, शिवराज और मंशाराम ने बताया कि पिछले चार दिनों से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, रामसनेहीघाट इलाके में सरयू की तेज धारा अब चिर्रा और खेतासराय में हो रहे कटान से खेतों की मिट्टी व फसल नदी में समा रही है। चिर्रा के मंशाराम, राजेश, मोले, केशवराम, रामविजय सिंह , जगजीवन और रामफेर समेत करीब दो दर्जन किसानों के खेत कटान की जद में हैं। खेतासराय में कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ने बंबू कैरेट लगाकर बोरियों के जरिए बचाव कार्य शुरू किया गया है। संबंधित तहसीलों के एसडीएम भी गुनौली गांव, केदारीपुर व सुंदरनगर के सात मजरों में बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।