बाराबंकी। पिछले कई दिनों से घट-बढ़ रहा सरयू का जलस्तर तटीय गांवों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बीते तीन दिन से चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही नदी का जलस्तर मंगलवार शाम को खतरे के निशान से मात्र 24 सेमी दूर रह गया। प्रति घंटा एक से दो सेमी जलस्तर बढ़ रहा है।
बढ़ते जलस्तर के कारण तटीय क्षेत्रों में बसे करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। मंगलवार को सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के सनावा और टेपरा गांव के बीच नदी की कटान तेज हो गई है। कटान से किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि लगातार नदी में समाती जा रही है। मंगलवार शाम जलस्तर 105.790 रिकार्ड किया गया जो देर शाम तक चार सेंटीमीटर और बढ़ गया।
नदी खतरे के निशान से मात्र 28 सेमी नीचे है। स्थिति का जायजा लेने के लिए सिरौलीगौसपुर के एसडीएम अनिल कुमार सरोज मंगलवार को सनावा-टेपरा के तटीय क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ और कटान की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही प्रभावित स्थलों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने कहा कि जहां भी संभव होगा, वहां कटान रोकने के लिए कार्य कराया जाएगा।
...............................
एसडीएम ने नदी किनारे गांव का किया निरीक्षण
सूरतगंज। रामनगर तहसील के बाढ़ से प्रभावित होने वाले हेतमापुर के सुंदरनगर, बेलहरी, लालपुरवा, मदरहा गांव का निरीक्षण मंगलवार को एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने तहसीलदार विपुल सिंह के साथ किया। एसडीएम ने बाढ़ चौकी और राहत केंद्र का जायजा लेकर कमियां दूर करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए है।
............................
फोटो- 13
नाव में सफर के दौरान लाइफ जैकेट अनिवार्य
रामसनेहीघाट। तहसील रामसनेहीघाट के कई गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इससे निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। जलस्तर बढ़ा देख नदी में नाव में सफर के दौरान लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। गुनौली गांव के पास घाट पर नाव के साथ लाइफ जैकेट का इंतजाम किया गया है। नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी ने बताया कि होमगार्ड, राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।