बाराबंकी। करीब एक सप्ताह तक शांत रहने के बाद सरयू नदी एक बार फिर उफान पर है। पहाड़ों पर बरसात व नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण मंगलवार की रात से नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ जो बुधवार को खतरे के निशान को पार कर 14 सेमी ऊपर पहुंच गया। इससे नदी के पानी ने केदारीपुर समेत कई गांव के पास कटान तेज कर दी है। यहां नदी खेतों के साथ खाली पड़ी जमीन को निगलने लगी है। इससे तटवर्तीय इलाकों के लोगों में हड़कंप है।
10 दिन पहले सरयू के उफनाने के बाद तेज हुई कटान के कारण रामनगर तहसील क्षेत्र का 40 परिवारों वाला बबुरी गांव व सरकारी स्कूल पूरी तरह नदी में समा चुका है। नदी ने केदारीपुर गांव को निशाने पर ले लिया था। बीते एक सप्ताह से सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था। जो बुधवार दोपहर तक खतरे के लाल निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर 106.216 मीटर तक पहुंच गया। इसके साथ ही नदी केदारीपुर व बेलहरी गांव के बीच में फिर से कटान करने लगी है। गांव से करीब 20 मीट दूर पर बह रही नदी की निगरानी ग्रामीण कर रहे हैं। हालांकि रामनगर के एसडीएम पवन कुमार ने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं।
फिर फैलने लगा पानी, कटान शुरू
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में जिन गांवों में के पास से बाढ़ का पानी निकल गया था वहां वह फिर से फैलने लगा है। जबकि किनारों पर कटान शुरू हो गई है। कहरानपुरवा, सनावा, बीहड़, टेपरा, सरायसुर्जन, सरदहा, कुड़वा, भैरवकोल, तेलवारी, गोबरहा, मझारायपुर, परसवाल, नव्वनपुरवा भयकपुरवा, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा गांव अलीनगर रानीमऊ तटबंध के अंदर बसे है। इन गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर आनंद तिवारी का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि हुई है, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।