बाराबंकी। कई दिनों से घट-बढ़ रहा सरयू का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान तक पहुंच गया। सोमवार को रामसनेहीघाट तहसील के गुनौली गांव में कटान के चलते एक पक्का मकान नदी में समा गया। खतरा भांप कर परिवार ने मकान का बचा हिस्सा तोड़कर सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
वहीं, एक अन्य मकान भी कटान के मुहाने पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर और रामनगर तहसील क्षेत्र के करीब 50 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दो दिन पहले सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर धीरे-धीरे लाल निशान के नीचे आ गया था।
इसी बीच नेपाल के बैराजों से करीब 2.44 लाख क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया। इसका असर सोमवार को दिखाई दिया और नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.70 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने से रात में लाल निशान को पार कर गया। उधर, रामसनेहीघाट तहसील का गुनौली गांव सरयू नदी के किनारे बसा है।
नदी का कटान गांव की ओर करीब 20 मीटर तक बढ़ गया है। सोमवार को निर्मला पत्नी सोमई का पक्का मकान कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया। खतरे को देखते हुए परिवार ने मकान का बचा हिस्सा तोड़कर सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके पास स्थित गोमती का मकान भी कटान की जद में है और कभी भी नदी में समा सकता है।
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ये मकान गांव के बाहरी हिस्से में बने हैं, लेकिन कटान की दहशत पूरे गांव में है।
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सनावा और कहारनपुरवा के पास कटान शुरू
कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में भी जलस्तर बढ़ने के साथ सनावा और कहारनपुरवा गांव के पास नदी से दोबारा कटान शुरू हो गया है। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि शारदा और गिरजा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अभी गांवों में पानी नहीं घुसा है।
वहीं रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर, सरसंडा और नदी की धारा के उस पार बसे पूरनपुर समेत करीब पांच गांवों में भी ग्रामीणों में दहशत हैं।