सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी में आई बाढ़ से करीब 50 गांवों का जनजीवन पटरी से उतर गया है। नदी का जलस्तर इस साल के पिछले रिकार्ड तोड़ते हुए खतरे के निशान से करीब 62 सेमी. ऊपर पहुंच गया। नदी का पानी तटों से ऊपर आने के बाद गांवों को डुबोता हुआ चला गया। घर, खेत, सड़क, रास्ते व स्कूल तक बाढ़ की चपेट में है। 14 मकान नदी में समा गए हैं। सैंकड़ों परिवार तटबंधों पर आश्रय लिए है। आधा दर्जन गांव नदी के मुहाने पर हैं।
नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज परी खतरे के निशान 106.070 से करीब 62 सेमी. ऊपर पहुंचा तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। डीएम ने रामनगर व सिरौलीगौसपुर तहसीलों में अलर्ट जारी कर दिया। रामनगर की सरसंडा ग्राम पंचायत नदी के निशाने पर है। कटान कर रही नदी इस गांव के राज कुमार, अंबर नाथ, सुभाष, ओम प्रकाश, गुड़िया, राम बच्चन, राजन,गीता देवी, दुर्गेश, पंकज व प्रदीप कुमार, रामकिशोर, संता एवं कन्नौजी के घर बहा चुकी है। गांव का पंचायत भवन का वजूद खतरे में हैं।
बुधवार को रामनगर की तहसीलदार कविता ठाकुर ने ट्रैक्टर से गांव का दौरा किया। इसी क्षेत्र के सुंदरनगर, ललपुरवा, कोड़री, बलईपुर, बबुरिहा, कचनापुर, बेलहरी, बबुरी, पर्वतपुर, करमुल्लापुर सुमिरनपुरवा, मिश्रीपुरवा, बबुरी, सरसंडा, जमका, खुज्जी, परशुरामपुर फाजिलपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से घिरे है।
तहसील सिरौलीगौसपुर के तेलवारी, गोबरहा, कहारनपुरवा, विहड़, सनावा, टेपरा, बघौलीपुरवा, नव्वनपुरवा, रेता गांव में बाढ़ से जलप्लावन के हालात हैं। इन गांवों के लोग अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर झोपड़ी बनने में जुटे है। वहीं भयकपुरवा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, बबुरी भैरवकोल, मनीरामपुरवा, मझारायपुर, परसवाल, सरदहा, सरायसुर्जन आदि गांव पानी से घिर गए है।
सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी विश्वमित्र सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तहसीलदार सुरेंद्र कुमार के साथ दौरा किया। सभी लेखपालों की तैनाती तटबंध पर बनी बाढ़ चौकी पर कर दी है। एडीएम अरूण कुमार ने बताया कि दोनों तहसीलों में अलर्ट जारी है।
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पौने चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, बिगड़ेंगे हालात
सरयू नदी में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी नेपाल के बैराजों से पानी छोड़ा गया। इस बार पौने चार लाख क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़ा गया है जिससे तराई के गांवों में हालात और खराब होंगे। ऐसे में बची कुची फसल भी डूब जाएगी।
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नाव से स्कूल गए छात्र
रामनगर तहसील क्षेत्र के पर्वतपुर गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गांव में पानी भरा होने के कारण यहां के अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने नाव से ही चल दिये। यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।