बाराबंकी। जिला प्रशासन ने पंचायती राज विभाग में लंबे समय से कार्यालयों में संबद्ध (अटैच) चल रहे सफाई कर्मचारियों को हटाकर पटलों में बड़ा फेरबदल किया है। डीपीआरओ के स्थानांतरण के बाद जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) भूषण कुमार ने विभागीय कार्यप्रणाली को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए यह आदेश जारी किया है।
नये आदेश के तहत विकास भवन और ब्लॉक मुख्यालयों के दफ्तरों में स्थापना और लेखा जैसे संवेदनशील पटलों पर तैनात सफाईकर्मियों से तत्काल प्रभाव से सभी जिम्मेदारियां वापस ले ली गई हैं। शासन की मंशा के अनुरूप अब इन महत्वपूर्ण पटलों का कार्यभार ग्राम पंचायत अधिकारियों (सचिवों) को सौंपा गया है।
निदेशक पंचायती राज के आदेश पर योजना पटल देख रहे एडीओ (पंचायत) संजय कुमार का गैर जनपद तबादला होने के बाद डीडीओ ने नया आवंटन किया है। अब अंत्येष्टि स्थल और पंचायत भवन निर्माण योजना की जिम्मेदारी आभा वर्मा (ग्राम पंचायत अधिकारी) को दी गई है।
वहीं डिजिटल लाइब्रेरी, कॉमन सर्विस सेंटर और पंचायत लर्निंग सेंटर का काम नीलम रावत (डीपीएम) संभालेंगी। इसके अलावा आरजीएसए और बरात घर की कमान शिवम अवस्थी (डीपीएम) को सौंपी गई है। अभी तक इन पटलों का कार्यभार सफाई कर्मचारी देख रहे थे।
आदेश के बाद भी कार्यालयों में डटे हैं कर्मी
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तकनीकी रूप से सफाई कर्मचारियों से पटल वापस ले लिए गए हैं, लेकिन धरातल पर इसका पूरी तरह अनुपालन होना बाकी है। अर्जुन, अजय, राजीव, अमृतलाल और सत्येंद्र जिला पंचायत अधिकारी के कार्यालय से अभी भी हटने को तैयार नहीं हैं और पिछले दरवाजे से व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही हाल ब्लॉक कार्यालयों में भी देखने को मिल रहा है।
वर्जन
विभागीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए यह फेरबदल किया गया है। महत्वपूर्ण पटलों की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायत अधिकारियों को दी गई है। आदेश की अवहेलना या नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-भूषण कुमार, डीडीओ/डीपीआरओ