बाराबंकी। कुपोषण से मुक्ति दिलाने और बच्चों व गर्भवती महिलाओं की सेहत में सुधार करने के लिए मंगलवार को विकास भवन के स्वर्ण जयंती सभागार में संभव अभियान 6.0 को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। एक जुलाई से शुरू यह विशेष अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी अनिल पांडेय ने बताया कि गांव-गांव में चिह्नित किए गए बेहद कमजोर और कुपोषित (सैम) बच्चों को एएनएम की मदद से छह जरूरी दवाइयां दी जाएंगी। इन बच्चों की पूरी जानकारी ई-कवच पोर्टल पर ऑनलाइन भरी जाएगी और आशा बहुएं लगातार उनके घर जाकर उनके स्वास्थ्य का हालचाल लेंगी।
इसके साथ ही गर्भवतियों की समय पर जांच करके उनके वजन पर नजर रखी जाएगी और उनका डाटा पोषण ट्रैकर एप पर दर्ज होगा। एडीपीआरओ राम आसरे ने कहा कि हर गांव को कुपोषण से मुक्त करने के लिए ग्राम प्रधानों का भी सहयोग लिया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्रा ने बताया कि हर हफ्ते होने वाले ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस के दौरान कमजोर बच्चों की जांच और गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। आखिर में सीडीओ अन्ना सूदन ने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषाहार के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ पोर्टल पर सही आंकड़े दर्ज करें।