बाराबंकी। जनसुनवाई को भी अफसर गंभीरता से नहीं लेते हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाले संपूर्ण समाधान दिवस से अफसरों का गायब रहना आम होता जा रहा है। शनिवार को आयोजित समाधान दिवस से लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता बिना सूचना के गायब रहे। इस पर नाराज डीएम ने अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकते हुए जवाब तलब किया है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी रामसनेहीघाट में संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियाें की शिकायतें सुन रहे थे। बताया गया कि अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड मौके पर नहीं है। इस पर नाराज डीएम ने इनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। इस दौरान ढेमा निवासी हरीराम ने बताया कि सहन भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
बनीकोडर के धनश्याम ने बताया की आवंटित पट्टे की जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। विपक्षी अवधेश, रामजस ने झोपड़ी उजाड़ दी और जमीन पर कब्जा कर लिया। अजय कुमार सिंह निवासी मेहंदीपुर ने बताया कि बडनपुर से पतुलकी वाया श्याम नगर पूर्वी विकासखंड दरियाबाद सड़क पर किसानों व गांव के अंदर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान जिले की सभी छह तहसीलाें में कुल 454 शिकायतें आई इनमें से 57 का निस्तारण कराया गया। एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एसडीएम अनुराग सिंह, एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह माैजूद रहे।