बाराबंकी। यूपी बोर्ड द्वारा संचालित हाई स्कूल व इंटर की 18 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षाओं को नकलविहीन माहौल में संपन्न कराने की कवायद तेज हो गई है।
परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार कक्ष निरीक्षकों के पहचान पत्र पर क्यूआर कोड भी अंकित किया जाएगा। इससे न केवल फर्जीवाड़े की आशंका कम होगी, बल्कि अधिकृत निरीक्षकों की पहचान प्रक्रिया भी सुगम हो सकेगी।
डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र के जरिए कक्ष निरीक्षक की पूरी जानकारी एक ही स्कैन में उपलब्ध हो सकेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रहा व्यक्ति अधिकृत है या नहीं। फर्जी कक्ष निरीक्षकों की आशंका को खत्म करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। जिले के परीक्षा केंद्रों पर पहले से ही सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डिंग और उड़नदस्तों की निगरानी की व्यवस्था की जा चुकी। केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने बताया कि कक्ष निरीक्षक परीक्षा प्रणाली की अहम कड़ी होते हैं, इसलिए उनकी पहचान को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी निरीक्षकों को ड्यूटी के दौरान अपना पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं।