बाराबंकी। स्थानीय तहसील क्षेत्र के करीब 100 गांवों में बीते लगभग 15 वर्षों से परिवहन सेवा बंद है। इससे दो लाख से अधिक आबादी को यातायात संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बस सेवा बंद होने से क्षेत्र का विकास रुक गया है। उन्हें ब्लॉक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला मुख्यालय जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इब्राहिमपुर गांव के मनोज मिश्रा ने बताया कि तहसील ब्लाॅक व जिला मुख्यालय आवागमन में बहुत परेशानी होती है। आसपास अच्छे विद्यालय न होने के कारण बच्चों को दूर कस्बों में पढ़ने जाना पड़ता है। सीधी बस सेवा न होने से वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि परिवहन की असुविधा के कारण कुछ बच्चों की पढ़ाई भी छूट रही है।
स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कहना है कि आवागमन बाधित होने से बाजारों में ग्राहक कम आते हैं। इससे उनका मुनाफा घट गया है। किसानों को भी अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। जगन्नाथ निर्दोष का कहना है कि कई गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भी संकट झेलना पड़ता है। निजी साधनों से करीब 25 किलोमीटर दूर रामनगर जाकर बस पकड़नी पड़ती है। इससे उपचार में देरी का खतरा बना रहता है। बाराबंकी डिपो की एआरएम जमीला खातून ने बताया है कि बंद रूटों पर दोबारा बसों के संचालन के लिए उच्चाधिकारियों से बात करके समाधान कराया जाएगा। संवाद