बाराबंकी। जिले के पौराणिक तीर्थ स्थल श्री लोधेश्वर महादेवा से रामनगरी अयोध्या तक का सफर अब सुलभ व सुहाना बनेगा। इसके पहले चरण में 96 करोड़ के खर्च से अयोध्या के भेलसर से कोटवाधाम तक 53 किमी लंबे सड़क मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। इसके बाद कोटवाधाम से रामनगर तक करीब 45 किमी लंबी सड़क को 64 करोड़ के खर्च से चौड़ा किया जाएगा। इससे रामनगर के महादेवा, कोटवाधाम, कल्पवृक्ष पारिजात व माता कुंती द्वारा स्थापित श्री कुतेंश्वर महादेवा की रामनगरी अयोध्या से सीधी कनेक्टिविटी बन जाएगी।
सरकारी दस्तावेजों में राजमार्ग-127 के नाम से दर्ज यह मार्ग बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे से शुरू होकर अयोध्या जिले के भेलसर चौराहे पर लखनऊ-अयोध्या हाईवे से जुड़ता है। वर्तमान में इस सड़क से प्रतिदिन 35 से 40 हजार वाहन गुजरते हैं। इस दौरान सड़क के संकरी होने और दोनों तरफ कायम अतिक्रमण के कारण यात्रियों को आए दिन जाम व हादसों का सामना करना पड़ता है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक चौधरी ने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए रामनगर से भेलसर के बाद अब रामनगर से कोटवाधाम तक की सड़क को भी करीब 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही डेढ़-डेढ़ मीटर की सड़क पटरियां भी बनेगी। इसके लिए 64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे सीतापुर और बाराबंकी से अयोध्या जाने वाले यात्रियों का सफर काफी सुगम व सुविधाजनक बन सकेगा। इसे पूरा करने में कुल 155 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
रामायण के साथ महाभारत काल पर भी फोकस
राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि अयोध्या जहां भगवान राम और रामायण काल की आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहीं बाराबंकी का कुंतेश्वर, पारिजात और श्री लोधेश्वर महादेव जैसे स्थल महाभारत काल से जुड़े हैं। सरकार अब रामायण और महाभारत काल से जुड़े इन धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों के विकास पर भी विशेष फोकस कर रही है। एक ओर श्री लोधेश्वर महादेव में भव्य कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने के साथ ही बाराबंकी-बहराइच हाईवे को प्रदेश का पहला डिजिटल हाईवे बनाने के कार्य को भी मंजूरी मिल चुकी है।