बाराबंकी में चिनहट देवा रोड पर किसान पथ पुल के पास बारिश के चलते कट गया रोड का किनारा, हुआ गढ्डा। स
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बाराबंकी। बारिश के चलते जिले से होकर गुजरे राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मिट्टी बहने से आवागमन में खतरा बढ़ गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इसकी मॉनीटरिंग न किए जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कुछ ऐसा ही नजारा अयोध्या-लखनऊ और सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे के साथ किसान पथ पर देखने को मिला। यहां कई जगह हाईवे किनारे मिट्टी बह गई है और सड़क धंसने की आशंका बनी हुई है। यहां वाहन भी बेधड़क होकर निकल रहे हैं। बावजूद इसके एनएचएआई के अधिकारी इससे अंजान हैं।
नेशनल हाईवे पर बरसात के मौसम में सफर करना खतरे से खाली नहीं दिख रहा है। बारिश के चलते अयोध्या-लखनऊ राजमार्ग पर सफेदाबाद से लेकर चौपुला पुल तक करीब आठ से दस किलोमीटर की दूरी पर दोनों ओर दो दर्जन से अधिक स्थानों पर मिट्टी बह गई है। यही नहीं देवा क्षेत्र के माती पुल के पास किसान पथ पर भी हाईवे किनारे मिट्टी बह गई है। इन दोनों प्रमुख मार्गों के यह दृश्य तो बानगी मात्र हैं।
जिले के अंदर पड़ने वाले हाईवे में भी कई स्थानों पर ऐसे दृश्य देखने को मिल जाएंगे। वहीं सड़क धंसने और वाहनों के आवागमन के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारी इससे अंजान बने हुए हैं। इनकी यह लापरवाही किसी हादसे में बड़ी वजह साबित हो सकती है। अभी तो बारिश की शुरुआत हुई है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो दो-तीन माह बारिश के सीजन में स्थिति और भी खराब होगी।
विभाग की नजर में सिर्फ एक स्थान पर बही मिट्टी
एनएचएआई के पेट्रोलिंग आफिसर गुंजन कुमार बताते हैैं कि हाईवे किनारे मिट्टी बहने को लेकर लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। अभी सिर्फ रामसनेहीघाट के नारायण ढाबे के पास हाईवे किनारे मिट्टी बह गई थी। जिसे सही कराया जा रहा है। यदि और कही ऐसे दिक्कतें हैं तो उसे ठीक कराया जाएगा।