बाराबंकी। शहर के निकट दोनों नेशनल हाईवे के समीप ही अंतर जनपदीय बस स्टेशन बना हैं। यहां से रोजाना 35 हजार यात्री सफर कर सकते हैं। लेकिन एक दुक्का बस ही स्टेशन पर आ गई तो ठीक नहीं तो जिम्मेदारों की लापरवाही से बीते पांच साल से यहां पर सन्नाटा पसरा है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे इसी सन्नाटे के बीच रोडवेज विभाग के कुछ कर्मचारी काम करते मिले।
बस स्टेशन से एक किमी से भी कम की दूरी पर लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे का चौपुला तिराहा है। यहां बसों के इंतजार में हाईवे किनारे खड़े यात्री दिन भर देखे जा सकते हैं। सोमवार को भी यहां गंतव्य तक जाने के लिए बसों को पकड़ने वाले यात्रियों की कतार लगी थी। सफेदाबाद से लेकर चौकुला तक कई स्थानों पर यात्री बसों को रोक कर बैठाने की मिन्नते करते दिखते है। जिले में हर दिन करीब 10 हजार यात्री हाईवे या सड़क के किनारे बसों का इंतजार करते दिखते हैं। बसों के इंतजार में यह हालात बाराबंकी से रामसनेहीघाट तक है। क्योंकि रामसनेहीघाट में बस स्टेशन का निर्माण अभी चल ही रहा है।
बाराबंकी शहर से दो हाईवे गुजरे है। इसमें से एक लखनऊ से अयोध्या की ओर तो दूसरा बाराबंकी से बहराइच की ओर जाता है। सामान्य रूप से इन दोनों हाईवे पर प्रदेश के विभिन्न डिपो की 300 से अधिक बसें रोजाना गुजरती है। यह बसें दोनों में से किसी भी बस स्टेशन पर नहीं आती और हाईवे से ही फुर्र हो जाती हैं।
शहर में देवा रोड पर दशकों से अनुबंधित बसों वाला स्टेशन संचालित हो रहा है। यहां 100 से अधिक अनुबंधित बसें विभिन्न 29 रूटों पर दिन भर में 35 हजार सवारी ले जाती है। लेकिन यह रूट जिले के अंदर या लखनऊ तक है।
आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम ने बताया कि बाराबंकी में बस स्टेशन का वर्कशाप पूरा कराया जाएगा। बस स्टेशन के आसपास तेजी से आबादी बढ़ रही है। आने वाले दिनों में बसों का ठहराव सुनिश्चित कराया जाएगा।