बाराबंकी। कल्याणी नदी के पुनरुद्धार को लेेकर एक बार फिर जिला सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में श्रमिकों की सराहना की हो या फिर गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने घाट पर पहुंचकर कल्याणी के कल्याण की सराहना की हो। इसे लेकर बुधवार को स्कॉच ग्रुप ने रजत पदक से जिले को नवाजा। पदक मिलने के बाद डीएम ने ट्वीट कर कहा कि लॉकडाउन के दौरान सैकड़ों श्रमिकों के श्रम से कल्याणी के छोटे हिस्से को पुनर्जीवित करने का प्रयास लघु किंतु साहसी रहा। इससे जो प्रसिद्धी मिली है उसके लिए आने वाले वर्ष में हम इस अभियान को और वृहद स्वरूप देंगे।
स्कॉच ग्रुप ने बुधवार को वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए डीएम डॉ. आदर्श सिंह को कल्याणी को पुनर्जीवित करने के प्रयास के लिए रजत पदक दिया। जिले में कल्याणी के कल्याण व चैनपुरवा के बदलाव के दो प्रोजेक्ट को स्कॉच अवार्ड के लिए नॉमिनेशन कराया गया था। तीन दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी विद्वानों की जूरी के सम्मुख जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने अपने-अपने कार्यों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया था। मंगलवार को जारी परिणामों में बाराबंकी के दोनों ही प्रोजेक्ट को ऑर्डर ऑफ मेरिट स्कॉच अवॉर्ड के लिये चयनित करने की घोषणा की गई।
मगर, बुधवार को स्कॉच एवार्ड के रूप में डीएम को रजत पदक मिला। बताते चलें की फतेहपुर क्षेत्र से निकली कल्याणी नदी में सिल्ट जमा होने व अतिक्रमण से इसका वजूद मिट रहा था। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने अपने सहयोगी अधिकारियों के साथ मिलकर कल्याणी के कल्याण की योजना बनाई। कोविड-19 के दौरान प्रवासी कामगारों को मनरेगा के तहत अर्थपूर्ण रोजगार देने के साथ ही साथ कल्याणी नदी को अस्तित्व में लाकर कल्याण भी किया। कल्याणी नदी की पुनरुद्धार का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी किया था। बुधवार को स्कॉच एवार्ड का रजत पदक मिलने के बाद डीएम को बधाइयां मिलने लगीं। इस खुशी का इजहार डीएम ने ट्विटर पर करते हुए श्रमिकों के योगदान को सराहा और मुहिम को आगे भी जारी रखने का भरोसा दिलाया।