बाराबंकी। खतरे के निशान की ओर बढ़ रही सरयू नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा भले कम हुआ हो लेकिन सिरौलीगौसपुर तहसील के तटवर्ती गांवों में कटान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सनावा, टेपरा और कहरनपुरवा के पास नदी तेजी से किनारे काट रही है, जिससे किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में समाती जा रही है।
बृहस्पतिवार शाम सरयू नदी का जलस्तर 105.270 मीटर रिकाॅर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से महज 50 सेमी नीचे है मगर चेतावनी बिंदु से ऊपर है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा गांव के किसान विवेक सिंह, निर्भय, रेखा सिंह, राजितराम, सर्वजीत, खिर्राउ, रमावती और कृष्णावती की कई बीघा उपजाऊ कृषि भूमि कटान की जद में आ गई है।
किसानों का कहना है कि हर दिन उनकी जमीन नदी में समाती जा रही है जल्द प्रभावी बचाव नहीं किया गया तो और अधिक भूमि कट सकती है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से अनुरक्षण कार्य कराया जा रहा है लेकिन ग्रामीण इसे नाकाफी बता रहे हैं। उनका आरोप है कि कटान रोकने के नाम पर केवल झाड़-झंखाड़ और पेड़ों की टहनियां नदी किनारे डाली जा रही हैं।
तेज बहाव के सामने इनका कोई असर नहीं दिख रहा। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि कुछ स्थानों पर कटान हो रही है। प्रभावित क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
गांवों के आसपास भरा पानी
रामनगर तहसील के तटवर्ती गांवों में संभावित बाढ़ से लोग चिंता में हैं। केदारीपुर, जमका, सरसंडा, कोहली पुरवा सहित आसपास के गांवों के पास सरयू का पानी भरा है। वहीं हेतमापुर के पास बांध की जर्जर हालात ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बांध मार्ग पर जगह-जगह पांच से सात फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे हर दिन हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बाढ़ के दौरान बांध की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। ग्रामीण प्रदीप, अमरीश, नवीन, रमेश, विनोद, मुरारी, कुंवारे और सुरेश ने बताया कि यदि पानी का दबाव बढ़ा तो बांध पर बने गहरे गड्ढों में पानी भरने से कटान का खतरा भी बढ़ सकता है।