बाराबंकी। सरयू नदी का जल स्तर उफान पर है। कटान भी तेज हो गई है। तटवर्ती गांवों के खेतों की जमीन फसल नदी में समाती जा रही है। शुक्रवार शाम को जल स्तर चेतावनी स्तर 105.070 मीटर के सापेक्ष 105.660 मीटर तक पहुंचा। खतरे का निशान 106.070 मीटर है।
रामनगर प्रतिनिधि के अनुसार बढ़ते जलस्तर से तराई इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ वाले इलाकों में स्थापित सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। एक सेमी प्रति घंटे की दर से जलस्तर बढ़ रहा है। इससे तराई में बाढ़ की दहशत है। प्रशासन भी जल स्तर पर नजरें लगाए है। रामनगर तहसील के 39 समेत सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट के कुल 70 से 80 गांव बाढ़ से तब प्रभावित होते हैं, जब जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर जाता है। रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर के आसपास के दो दर्जन गांव खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर पानी पहुंचने पर जलमग्न हो जाते हैं। इनमें तटवर्ती गांव बेलहरी, हेतमापुर, सुंदरनगर, कोड़री, मदरहा, अकौना, चौधरीपुरवा, बल्लोपुर प्रमुख हैं। तहसीलदार रामनगर विपुल सिंह ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि हुई हैं, लेकिन अभी नियंत्रण में है। बाढ़ राहत चौकियां अलर्ट हैं।
गन्ने की फसल के साथ नदी में समा रहे खेत
सूरतगंज प्रतिनिधि के अनुसार अकौना व डिहुआ में सरयू खेती लायक जमीन काट रही है। गन्ने की फसल के साथ खेत नदी में समा रहे हैं। रामकिशोर, निखिल, रामचंद्र और राजकुमार आदि किसानों की करीब 10 बीघा जमीन कट चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल भी काफी जमीन कटी थी।
ड्रेन कैमरों से होगी बाढ़ की निगरानी
कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार सिरौलीगौसपुर तहसील प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से बाढ़ की निगरानी का काम शुक्रवार से शुरू कर दिया। नदी के किनारे सनावा गांव के पास ड्रोन कैमरे से बाढ़ की स्थिति का वीडियो बनाया गया। एसडीएम प्रीति सिंह ने बताया कि ड्रोन कैमरे से बाढ़ की सही स्थिति का पता चलेगा। बाढ़ प्रभावित गांव ढकवा माफी गांव में बाढ़ राहत चौपाल का आयोजन किया गया।