धान क्रय केंद्र पर ट्रॉलियों में लदा पड़ा धान।
- फोटो : धान क्रय केंद्र पर ट्रॉलियों में लदा पड़ा धान।
बाराबंकी। खरीदे गए धान की उठान में राइस मिल मालिकों की मनमानी किसानों पर भारी पड़ने लगी है। जगह न होने की वजह से टोकन होने के बाद भी किसानों का धान नहीं तौला जा रहा है। वहीं, जिम्मेदार इस समस्या का हल नहीं निकाल पा रहे हैं, जिससे किसानों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
जिले में धान की खरीद पूरी तरह से बेपटरी होती जा रही है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि किसानों के पास टोकन होने के बाद भी उनका धान नहीं तौला जा रहा है। किसान टोकन लेकर क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं तो राइस मिलर्स पौष्टिक चावल (एफआरके) न मिलने की बात कह खरीदे गए सरकारी धान की उठान से हाथ खड़े कर रहे हैं। अभी तक 80 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद के बावजूद महज 35 हजार मीट्रिक टन धान की ही उठान की जा सकी है। 45 हजार मीट्रिक टन धान क्रय केंद्रों पर डंप है।
क्रय केंद्र प्रभारी भी जगह न होने की बात कह किसानों का धान तौलने से इन्कार कर रहे हैं। नवीन मंडी में धान लेकर आए किसान महेश प्रसाद, श्यामलाल, गया प्रसाद ने बताया कि दस दिन पहले का टोकन है, लेकिन जगह न होने की बात कह धान की तौल आज तक नहीं हो सकी है।
ज्यादातर राइस मिलों को पौष्टिक चावल मिल गया है, इस हफ्ते से धान की उठान में और तेजी आएगी। इसके लिए क्रय केंद्र प्रभारी संबंधित राइस मिल मालिकों के लगातार संपर्क में हैं। -राजीव कुलश्रेष्ठ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी