बाराबंकी। हाकी विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी कुंवर दिग्विजय सिंह (केडी सिंह) बाबू की पुश्तैनी कोठी का जीर्णोद्धार शुरू हो गया है। संस्कृति विभाग इस कोठी को केडी सिंह बाबू के स्मारक व संग्रहालय के रूप में विकसित कर रहा है। कोठी का आकार वही रहेगा लेकिन इसकी पूरी मरम्मत होगी।
इसमें मौजूद हर चीज को नए तरीके से सहेजा और संवारा जाएगा। इसका वास्तु इस तरह से तैयार होगा, जिससे यहां भ्रमण के लिए आने वालों को आधुनिकता के साथ कोठी में मौजूद प्राचीन धरोहरों की मौजूदगी की भी सुख अनुभूति हो। इसके लिए कोठी की दीवारों का प्लास्टर, दरवाजे, खिड़कियां, पल्ले आदि से निकाले जा रहे हैं। कोठी के सामने वाला भाग काफी मजबूत है, लेकिन पीछे कुछ कक्ष तोड़ने लायक हैं। डीएम शशांक त्रिपाठी जीर्णोद्धार कार्य की निगरानी अपने स्तर से करा रहे हैं ताकि जीर्णोद्धार का सारा काम शासन की मंशा के अनुरूप तय हो सके। यह कोठी पिछले साल मार्च माह में नीलाम होने वाली थी, तब साहित्यकार अजय सिंह गुरु, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, जिला बार के पूर्व अध्यक्ष हरीश चंद्र अग्निहोत्री आदि ने सरकार द्वारा इसे संरक्षित किए जाने की मांग की। मांग पत्र राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा व एमएलसी अंगद सिंह के हाथों मुख्यमंत्री तक पहुंचाया।
जन भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कोठी को नीलामी से बचाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएम ने कोठी के हिस्सेदारों से बात की। उनमें सुलह कराकर न्यायालय का विवाद समाप्त कराया। शासन ने इसके लिए 18 हिस्सेदारों को मुआवजा राशि देने के लिए साढ़े 14 करोड़ व कोठी को स्मारक व संग्रहालय में तब्दील कराने की मद में पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।