शहर स्थित डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक में हुई डकैती व दो गार्डों की हत्या के मामले में एसपी ने शहर कोतवाल रवींद्र सिंह और सीओ सिटी तौकीर अहमद खान को हटा दिया है। वारदात के पांच दिन बाद भी पुलिस व एसटीएफ की टीमें अभी तक अपराधियों के बारे में पता नहीं लगा सकी हैं।
पुलिस व एसटीएफ की टीमेें भले ही आए दिन किसी ने किसी संदिग्ध को पकड़कर उनसे पूछताछ कर रही हाें, लेकिन पुलिस को कोई अहम सुराग अभी तक नहीं मिल सका है।
नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक में चार अप्रैल की देर रात घुसे बदमाशों ने यहां तैनात पीआरडी के दो जवान देशराज व ओमप्रकाश की हत्या कर दी थी।
इस घटना का खुलासा करने के लिए एसटीएफ की दो व जिला पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। वारदात के पांच दिन बाद भी पुलिस अभी तक किसी भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अपराधी पकड़े जाएंगे।
पांच दिन बाद भी बैंक डकैती के मामले में बदमाशों का सुराग न लगा पाने पर एसपी अब्दुल हमीद ने आखिरकार शहर कोतवाल रवींद्र सिंह व सीओ सिटी तौकीर अहमद खान को हटा दिया है।
पुलिस कार्यालय में तैनात रहे बीपी यादव को नया शहर कोतवाल बनाया गया है। बीपी यादव के खिलाफ तीन माह पहले देवा कोतवाली में तैनात के दौरान गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ था। वहीं, सीओ सदर विशाल विक्रम सिंह को सीओ सिटी व सिटी में रहे तौकीर अहमद खान को सीओ सदर बनाया गया है।
इसके अलावा कई अन्य थानों में हुए फेरबदल में एसओ लोनीकटरा अरुण द्विवेदी को एसओ असंद्रा व एसओ असंद्रा श्रीधर पाठक को लोनीकटरा की कमान सौंपी गई है।
वहीं, एसओ मसौली रायसिंह यादव को एसओ कोठी व एसओ कोठी वकील सिंह यादव एसओ जहांगीराबाद बनाए गए हैं। अपने कार्यों से चर्चा में रहने वाले एसओ जहांगीराबाद सदानंद सिंह को कप्तान ने लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं पुलिस लाइन से एसपी सिंह को एसओ मसौली बनाया गया है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस इस वारदात में बैंक कर्मियों की भूमिका पर भी शक कर रही है। जिस तरह से वारदात के दिन कैश रूम के पास तिजोरी की चाभी मिली थी और लुटेरे सीधे बैंक में उस जगह पर पहुंचे थे, जहां पर स्ट्रॉग रूम है।
इससे यह लगता है कि बदमाशों को बैंक के बारे में बारीकी से जानकारी थी। इसके अलावा कई अन्य बातें सामने आ रही हैं, जिससे पुलिस को बैंक कर्मियों पर संदेह हो रहा है।