दरियाबाद (बाराबंकी)। नर्स के हाथ से छूटकर जान गंवाने वाले दफनाए गए नवजात का शव खोदकर पोस्टमार्टम कराने से परिजनों ने मना कर दिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट और पुलिस लौट गए। चर्चा है कि अस्पताल प्रबंधन से परिजनों की सुलह हाे गई है।
टिकैतनगर क्षेत्र के विद्यानगर गांव निवासी महेश की पत्नी पूनम ने 27 जुलाई को दरियाबाद के निजी अस्पताल जीवनधारा में नवजात को जन्म दिया था। पिता का आरोप था कि नर्स के हाथ से गिरकर नवजात की मौत हो गई थी। पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम ने शनिवार को दफनाए गए नवजात के शव को निकालकर पोस्टमार्टम करवाने के आदेश दिए थे।
दोपहर 12 बजे नायब तहसीलदार सुधाकर पांडेय, कोतवाली दरियाबाद व टिकैतनगर की पुलिस विद्यानगर गांव स्थित दफनाए गए स्थान पर पहुंची। जहां महेश ने खुदवाकर बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। उसने इसका लिखित पत्र दिया। सीओ हैदरगढ़ जेएन अस्थाना भी पहुंचे। नायब तहसीलदार सुधाकर पांडेय ने बताया कि शव को निकाला नहीं गया है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।