कोटवाधाम। सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के गांवों में मुश्किलें कायम हैं। जलस्तर तेजी से कम होने के बाद भी अलीनगर-रानीमऊ तटबंध का रेगुलेटर जाम होने से तटबंध के इस पार का पानी नदी में नहीं निकल पा रहा है। इसके चलते करीब 15 गांव जलमग्न हैं। घरों से निकलने के लिए भी ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर नीचे स्थिर है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कोटवाधाम से सनावा होते हुए तेलवारी-करौनी जाने वाला मार्ग पानी में डूब गया है। इसके आसपास बसे गांव भी जलभराव की चपेट में हैं। छुरिया का पुरवा समेत कई गांवों में घरों के आसपास और रास्तों पर पानी भरा है। बच्चों और महिलाओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गिदरापुर, मुड़ियाडीह, छुरिया, छुरिया का पुरवा, मरौचा, नसीमपुर, बसौगापुर, सहजनी, गोसुवापुर, गोसाईंनपुरवा, इटाहुआ पश्चिम, टांडा, पानापुर, मल्लाहनपुरवा और गौरीपुरवा समेत कई गांवों में पानी भरा है।
पानी भर जाने से कई बीघे फसलें जलमग्न हो गई है। धान की फसल सड़ने और गन्ने की फसल गिरने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने रेगुलेटर की सफाई और मरम्मत कराकर पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं बाढ़ खंड के जेई सौरभ वर्मा ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर रेगुलेटर से पानी की निकासी कम हो जाती है।
परिसर में बाढ़ का पानी, स्कूल संचालित
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तेलवारी के परिसर में बाढ़ का पानी भरे होने के बीच सोमवार से विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया। बच्चों को मजबूरी में इसी जलभराव से होकर स्कूल पहुंचना पड़ा। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। पहले विद्यालय का संचालन छप्पर के नीचे किया जा रहा था। सोमवार को विद्यालय खुलने पर बच्चे बरामदे और कमरों में बैठे नजर आए।
500 परिवारों को राहत सामग्री वितरित
सरयू नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। सोमवार को विधानसभा दरियाबाद क्षेत्र के तहसील सिरौलीगौसपुर के कोठरी, गौरिया, सूबेदार पुरवा और कलहंसन पुरवा के बाढ़ प्रभावित 500 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। इस मौके पर अनिल कुमार सरोज, ब्लॉक प्रमुख रत्नेश सिंह मौजूद रहे।