बाराबंकी। जमीन की रजिस्ट्री कराने में होने वाले फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए अब निबंधन कार्यालय के साफ्टवेयर को आधार नंबर से लिंकअप किया जाएगा। नए नियम से जमीन की खरीदी-बिक्री के निबंधन कार्य में पारदर्शिता आने के साथ ही होने वाले फर्जीवाड़ा पर भी रोक लग सकेगी। सॉफ्टवेयर के आधार से लिंकअप होने से लोगों की बेनामी संपत्ति का पता भी आसानी से चल सकेगा।
जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए क्रेता और विक्रेता का आईडी प्रूफ लिया जाता है। आधार कार्ड की कापी जमा की जाती है। आधार कार्ड की फोटो कापी में हेराफेरी की संभावना के कारण अब राजस्व अभिलेख में आधार लिंक कराए जाने की कार्य योजना को अमल में लाने की तैयारी है। इससे जमीन की खरीदी-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़ा पर प्रभावी रोक लग सकेगी। आधार नंबर लिंकअप होने से एक जमीन को कई लोगों को बेच कर निबंधन कराने की धोखाधड़ी भी बंद हो सकेगी। उपनिबंधक हरीश चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यालय के सिस्टम को आधार बेस्ड बनाने के लिए साफ्टवेयर में परिवर्तन किया जाएगा। जल्दी इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई व्यवस्था को अमल में लाया जाएगा।
छह साल बाद पूरा हुआ शत प्रतिशत लक्ष्य
उपनिबंधन कार्यालय नवाबगंज का अगस्त माह का राजस्व लक्ष्य 35.50 करोड रुपये था। इसके सापेक्ष कार्यालय ने 35.85 करोड रुपये का राजस्व अर्जित कर शत प्रतिशत लक्ष्य परा किया है। बीते छह वर्ष में यह पहला मौका है जब उप निबंधन कार्यालय नवाबगंज ने लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया है।