313 प्रत्याशियों पर तीन साल के लिए लगा प्रतिबंध
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भाजपा और सपा की प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद बगावती तेवर और तीखे हो गए हैं। भाजपा और सपा के एक-एक पूर्व विधायक ने बुधवार को पीस पार्टी का दामन थाम चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। वहीं सपा के एक और पूर्व विधायक रालोद से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। टिकट न मिलने से दो पूर्व विधायक भी बागी हो गए हैं और यह भी अपने-अपने क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
भाजपा से रामनगर के लिए टिकट मांग रही पूर्व विधायक राजलक्ष्मी वर्मा टिकट न मिलने से बागी हो गईं। उन्होंने बुधवार को पीस पार्टी का दामन थमा चुनाव मैदान में उतरने का संकेत दिया है। वहीं सपा के पूर्व विधायक सरवर अली के तेवर भी तीखे हो गए हैं।
उन्होंने भी पीस पार्टी का दामन थाम चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व विधायक छोटेलाल यादव भी बागी हो गए हैं वह लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इसके संकेत उन्होंने मंगलवार को सपा छोड़कर दे दिए थे।
यही नहीं दरियाबाद में भाजपा से टिकट मांग रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख विवेकानंद पांडेय और हैदरगढ़ से टिकट मांग रहीं पूर्व ब्लॉक प्रमुख रानी कन्नौजिया चुनावी मैदान में ताल ठोंकने की तैयारी में हैं। राजनीतिक दलों द्वारा टिकटों की सूची जारी करने के बाद बगावत खुलकर सामने आने लगी है। इससे कई उम्मीदवारों का चुनावी गणित गड़बड़ा सकता है।