बाराबंकी। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव महेश्वरम ने सात वर्ष की बालिका से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 वर्ष की सजा सुनाई। अदालत ने 20000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। घटना करीब साढ़े पांच साल पहले हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक मनीषा झा के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की वादिनी 19 जून 2018 को घर से थोड़ी दूर पर मजदूरी करने गई थी। उसका पति किसी काम से बाहर गया था। घर में उसकी सात साल की बच्ची अकेली थी।
वादिनी का पति सुबह 11 बजे जब वापस आया तो देखा कि मोहल्ले का ही शकील उसकी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। वादिनी के पति को देखकर अभियुक्त उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। पीड़िता समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त शकील को सजा सुनाई।