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बारिश से फसलों को मिली संजीवनी

Fri, 27 Jan 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाराबंकी में शुक्रवार की सुबह हुई रिमझिम बारिश में कुछ इस तरह छाता लगाकर घरों से निकले लोग - फोटो : अमर उजाला
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पिछले पांच दिनों की धूप के बाद शुक्रवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर बाद तक कई चक्रों में फसलों के लिए सोना बरसा। हवा तेज होने से नाममात्र उन्हीं किसानों को नुकसान पहुंचा, जहां सरसों के फूलों से लदे पेड़ हवा के झोकों से खूब इतराए।
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रह-रह कर घनी बदली के बाद होती रही बरसात से गेहूं, चना, मटर, अरहल व सरसों की फसलों को खासा फायदा पहुंचा है। तेज हवाओं के चलते फूल वाली फसलों को आंशिक नुकसान हो सकता है। इस दौरान जिले में 22 मिमी वर्षा दर्ज हुई। शनिवार को भी बूंदाबांदी के आसार हैं।

रात की बूंदाबांदी व शुक्रवार सुबह बदली के बीच रह-रह कर होती वर्षा और तेज पछुआ हवा से हर कोई कांप उठा। शनिवार से मौसम में सुधार होने के साथ दिन में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में लोगों को सर्दी फिर परेशान कर सकती है। दो दिन पहले मौसम विभाग का किया अनुमान सटीक बैठा है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में तेज बरसात तो पूर्वी इलाकों सहित फैजाबाद में बूंदाबांदी, वर्षा और हवा से सर्दी बढ़ गई।
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मौसम विज्ञान विभाग कुमारगंज के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताराम मिश्र ने कहते हैं कि जम्मू कश्मीर में हुई बर्फबारी के कारण अगले तीन चार दिनों तक ठंड बढ़ेगी। बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र में कब से होगा यह हवाओं की गति पर निर्भर करेगा। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हो सकती है।

फल वाली फसलों को हो सकता आंशिक नुकसान 
ठंडक की यह पहली बारिश है जो फसलों के लिए काफी अच्छी है। लेकिन तेज हवाओं के चलते कुछ फसलों को मामूली नुकसान हो सकता है। गेहूं के लिए यह पानी अमृत है। अरहर, सरसों, चना व मसूर की फसल जो वर्तमान में फूल की अवस्था में तेज हवाओं के चलते इन्हें हल्का नुकसान हो सकता है। जिनमें अभी फूल नहीं है उन फसलों को लाभ होगा। मटर की फसल को लाभ है। -डॉ. जेपी सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र हैदरगढ़ 
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