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बरसात से जनजीवन बेपटरी, जारी हुआ अलर्ट

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बाराबंकी। बीते तीन दिनों से हो रही बरसात ने जनजीवन बेपटरी कर दिया है। एक ओर जहां शहर से लेकर गांवों तक जलभराव हो गया है वहीं कच्चे व जर्जर मकानों का गिरना शुरू हो गया है। शहर से लेकर नगर पंचायत क्षेत्रों तक जलभराव हो गया है। बिजली आपूर्ति भी न केवल बाधित हुई है बल्कि करंट से जुड़ी घटनाओं में तेजी आ गई है। बीते दो दिनों में रिकॉर्ड 188 मिलीमीटर बरसात हुई है। शनिवार को बरसात के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट हो गया है।
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मंगलवार की देर रात मौसम ने पलटी मारी थी। बुधवार व बृहस्पतिवार को लगातार बरसात होने से शहर से लेकर नगर पंचायत क्षेत्रों में जलभराव से जिंदगी थम सी गई है। शहर के लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी, आजादनगर, दीनदयाल नगर, श्रीराम कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में जहां अभी तक जलभराव नहीं हुआ था वहां हो गया है। जबकि मकदूमपुर, दशहराबाग खलरिया, पंचशील कालोनी हजाराबाग, बाल विहार कालोनी, अभयनगर, कमरियाबाग मोहल्लों में पानी घरों के अंदर घुस गया है।
सतरिख नगर पंचायत क्षेत्र में आधा दर्जन सड़कों पर शुक्रवार को भी पानी भरा रहा। दरियाबाद नगर पंचायत क्षेत्र के अंदर आवासीय इलाकों में पानी भरा होने से लोग परेशान रहे। यही हाल सिद्घौर, जैदपुर व बेलहरा नगर पंचायत क्षेत्रों का है। जैदपुर के नयापुरवा वार्ड में सड़क व आसपास का इलाका पानी में डूबा है। दो दिन में 188 मिलीमीटर बरसात हो जाने से कच्चे व जर्जर मकान गिरने लगे हैं।
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मसौली के मोहल्ला बाजार निवासी मुन्ना के कच्चे मकान की छत बृहस्पतिवार रात ढह गई। सभी छह तहसीलों में करीब दो दर्जन कच्चे मकानों के गिरने की सूचना है। शुक्रवार रात रामनगर के अमोलीकला गांव निवासी दुर्गेश कुमार दीक्षित व इंद्रेश कुमार की कच्ची दीवारें गिरने लगीं तो पूरा परिवार बाहर आ गया। कुछ देर में पूरा मकान भरभरा पड़ा।
अमोली कीरतपुर में विद्यावती का कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। शनिवार को भी मौसम के बिगड़े होने की संभावना के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। एडीएम राकेश सिंह ने अपील की है कि जिनके मकान जर्जर या असुरक्षित हैं वह लोग उनमें न रहें। ट्रैफिक जाम व भीड़भाड़ वाले स्थान पर न जायें। जिनके मकान गिरे हैं उसका आकलन राजस्वकर्मी कर रहे हैं।
100 से अधिक विद्यालय परिसर जलमग्न
बरसात से परिषदीय विद्यालयों में जलभराव हो गया है। 100 से अधिक विद्यालयों में पानी भरा है। बावजूद इसके शुक्रवार को स्कूल खुले। नौनिहाल पानी से होकर या कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचे। बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जलनिकासी के साथ विद्यालय की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता के लिए जारी हुई हेल्पलाइनें
- जलभराव या पेड़ आदि गिरने की समस्या होने पर- 05248-226017
- विद्युत आपूर्ति बाधित होने या अन्य समस्याओं के लिए- 1912 व 1800180440
- चिकित्सा व स्वास्थ्य संबंधी जरूरत पड़ने पर- 05248-224849
- बरसात से पैदा हुई अन्य किसी समस्या के लिए- 05248-229926 व 05248-229916
पीएचसी तक हाईअलर्ट
बरसात को लेकर प्रशासन ने जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक हाई अलर्ट कर दिया गया है। डीएम कार्यालय से एडवाइजरी जारी की गई है। ट्रॉमा सेंटर में हर समय डॉक्टर के अलावा सर्जन व फिजीशियन ऑन कॉल मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने जनसामान्य से अपील की है कि बिजली से बचने के लिए दामिनी एप का प्रयोग करें। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता एएच खान ने बिजली अधिकारियों से ड्यूटी पर सजग रहने का निर्देश दिया है।
पहले सूखे की मार अब फसल घर आना मुश्किल
बाराबंकी। धान पानी की फसल है मगर अब जब फसल के घर आने की बारी थी तो बरसात से बाधा डाल दी। बीते तीन दिनों से बिगड़े मौसम के कारण एक लाख 80 हजार हेक्टेयर में धान की खेती करने वाले लाखों किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जुलाई व अगस्त में बरसात न होने से किसानों ने महंगी सिंचाई कर धान के पौधे बचाए थे। लागत बढ़ गई थी। फसल से किसानों को बहुत उम्मीदें थीं मगर बरसात से खेतों में गिरी फसल सड़ रही है।
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