कोटवाधाम (बाराबंकी)। इस बार मानसून समय से पहले आने की उम्मीद है। मौसम के बदले मिजाज के कारण मई माह में ही तीन से चार बार तक बारिश हो चुकी है। ऐसे में जिले के तटवर्तीय लोगों को सरयू नदी की बाढ़ से बचाव के इंतजाम काफी धीमी रफ्तार से चल रहे हैं। इतना ही नहीं जो काम हो भी रहे हैं, उनमें भी लापरवाही उजागर होने लगी है। इसके चलते ही तटबंध में रेन कट के साथ ही बोल्डर भी नीचे खिसकने लगे हैं।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के टेपरा गांव के निकट अलीनगर-रानीमाऊ तटबंध को सरयू नदी की कटान से बचाने के लिए हाल ही में सिंचाई विभाग के बाढ़ कार्य खंड की ओर पत्थर के बोल्डर लगाए गए हैं। बीते दिनों हुई बारिश के कारण कई जगह तटबंध पर रेन कट बन गए हैं, वहीं बोल्डर भी खिसकने से कमजोर हो गए हैं।
पिछले साल सराय सुर्जन गांव को जाने वाले मार्ग पर एक पुलिया बाढ़ के दौरान बह गई थी। इसकी मरम्मत के लिए राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश भी दिया था, लेकिन मरम्मत का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। पुलिया में नदी की बालू डालकर पत्थर लगाए गए हैं जो अभी से फैल गए हैं। इससे तटबंध के बैठने की भी आशंका जताई जाने लगी है।
बाढ़ से बचाव के काम बरती जा रही ढिलाई के कारण क्षेत्रीय निवासी बाबादीन, उज्ज्वल पांडेय, संदीप, अकबाल सिंह व रमेश इत्यादि ने भैरवकोल, टेपरा, बघौली पुरवा, सराय सुर्ज्जन, भयक पुरवा सहित अन्य गांवों में बरसात के दौरान बाढ़ के खतरे की आशंका जताई है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रीति सिंह ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस दौरान काम संतोषजनक न मिलने पर उसे दोबारा कराया जाएगा।