बाराबंकी। कोठी क्षेत्र में सिद्धौर-केसरगंज मार्ग पर कार से कुचलकर युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने हत्याराेपी मृतक के बहनोई उसके भाई और पिता की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस की टीम ने शुक्रवार को लखनऊ तक छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक का बहनोई पत्नी को दुष्कर्म के मुकदमे में मनमाफिक बयान देने के लिए प्रताड़ित कर रहा था। बहन के पक्ष में खड़ा होना भाई को भारी पड़ा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवक की बहन ने करीब छह माह पहले ससुराल पक्ष के एक व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में उसका पति मनमाफिक बयान देने का दबाव बना रहा था और लगातार प्रताड़ित कर रहा था। 24 जून को इसी मामले में बहनोई ने कोर्ट में पेशी होने के बहाने से साले को बुलाया था।
युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ बाइक से दुष्कर्म के आराेपी के घर गया और फिर बहनोई के गांव पहुंचा। यहां बहनोई के पिता से उसकी तीखी कहासुनी हुई। रात कोठी क्षेत्र के केसरगंज मार्ग पर बसंतपुर गांव के पास पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने पहले इनकी बाइक में टक्कर मारी, फिर जमकर पीटा। इसके बाद युवक को कार से कुचल दिया।
दोस्तों की मदद से पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोठी थाना प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
लखनऊ में भी हुआ था विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दिन पहले बहनोई-बहन को लेकर लखनऊ में किराये के मकान में रहने लगा था, जहां दोनों के बीच विवाद होने पर गोमतीनगर पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके बाद युवक अपनी बहन को लखनऊ से वापस बाराबंकी ले आया था।
गाड़ी खरीदने के बाद जज की नेम प्लेट नहीं हटाई
जिस कार से घटना को अंजाम दिया गया, उस पर जिला जज के पदनाम की प्लेट लगी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि बहनोई ने वह गाड़ी खरीदी थी और उसे किराये पर चलवाता था। नंबर प्लेट पहले से ही लगी रही होगी, जिसे हटाया नहीं गया। पुलिस गाड़ी के विक्रेता का पता लगाने में जुटी है।