बाराबंकी। पल्हरी नाका चौराहा के निकट स्थित कचरी बनाने के कारखाने में जांच के बाद कचरी को नष्ट करा
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बाराबंकी। मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर एफएसडीए ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को शहर में संचालित एक कचरी कारखाने पर छापा मारा।
जांच के दौरान पाया गया कि कारखाने का संचालन बिना लाइसेंस के किया जा रहा है जिस पर कारखाने और उसके अंदर मौजूद सामग्री को सील करा दिया है। इसके अलावा भारी मात्रा में मिली घटिया खाद्य सामग्री और कचरी को मौके से ही नष्ट कराते हुए कचरी और मैदा के पांच नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई से मिलावटी खाद्य पदार्थोँ की बिक्री करने वालों में हड़कंप मचा गया है।
एफएसडीए की अभिहीत अधिकारी ने बताया कि शहर के शांति विहार कॉलोनी में अनवर द्वारा कचरी का कारखाना संचालित किया जा रहा है। शुक्रवार को प्रभारी मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जय सिंह, डॉ. राकेश सिंह, कमल कुमार आदि के साथ यहां पर छापा मारा गया। जांच के दौरान कारखाना संचालक किसी प्रकार के कोई प्रपत्र नहीं दिखा पाया।
जब उससे लाइसेंस दिखाने के लिए कहा गया तो वह बगले झांकने लगा। जिस पर कारखाने के साथ ही वहां पर मौजूद अन्य सामग्री को सील करा दिया गया है और मौके से बरामद करीब 1600 किलो कचरी और घटिया मैदा को नष्ट करा दिया गया है। यहां से दो नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इसी प्रकार यहीं पर शुऐब के कारखाने पर छापा मारा गया। यहां के कचरी के दो और मैदा का एक नमूना भरकर जांच के लिए भेेजा गया है तथा संदेह के आधार पर 410 किलो कचरी और 1272 किलो मैदा को सीज कर दिया गया है।
डीएम के आदेश पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिले भर में इस तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। शुक्रवार को शांति विहार कॉलोनी में कचरी बनाने वाले दो कारखानों पर छापा मारते हुए एक को सील करा दिया गया है तथा यहां से पांच नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
-प्रियंका सिंह, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए