महादेवा (बाराबंकी)। महाशिवरात्रि को लेकर कई दिनों से चल रही कांवरियों की कतार थमने का नाम नहीं ले रही है। पैदल से लेकर वाहनों पर डीजे की धुन पर पुरुष और महिला शिवभक्त कानपुर से गंगाजल लेकर महादेवा में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए आ रहे हैं। आस्था और दुश्वारियों के बीच कांवरियों के जज्बे को लेकर उनके स्वागत के लिए जगह-जगह बैठने और खाने का इंतजाम है। वहीं, महादेवा में भीड़ को देखते हुए पुलिस के आलाधिकारी डेरा डालकर जमे हुए हैं।
बाराबंकी सीमा में 40 किलाेमीटर लंबी सड़क पर हर-हर बम-बम की गूंज ही सुनाई पड़ रही है। कानपुर के बिठूर से प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है। पैदल चलने वाले कांवरियों की कतार लगी है तो सड़क पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों पर डीजे की धुन पर बड़े-बड़े ध्वज लहराते वाहन के आगे झूमते भक्तों का नजारा ऐसा कि मानों शिव की बरात निकली हो। कई दिनों से चल रही कतार थमने के बजाए बढ़ती जा रही है।
मनौती पूरी होने पर शिव का अभिषेक करने के लिए मंदिर पर भी भारी भीड़ जमा है। मंगलवार को सुबह मंदिर के पुजारी ने जैसे ही कपाट खोले, वैसे ही भोलेनाथ के जयकारे गूंज उठे। भीड़ को देखते हुए पुलिस श्रद्धालुओं को गर्भगृह में ज्यादा देर तक रुकने नहीं दे रही थी और कतारबद्ध तरीके से दर्शन करा रही थी। आगरा, हरिद्वार, हमीरपुर, बांदा, एटा, मैनपुरी, कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली सहित देश के कोने-कोने से कांवरिया गंगाजल लेकर अपने आराध्य की पूजा के लिए आ रहे हैं।
मेला मैदान में शिवभक्त डेरा डाले हुए हैं। महाशिवरात्रि को दो दिन शेष हैं, लेकिन पूरे महादेवा क्षेत्र में हर-हर बम-बम का उद्घोष सुनाई दे रहा है। पं. वीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि फाल्गुन में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने पर मनवांछित फल की प्राप्त होती है।
मेला परिसर में 24 घंंटे जुटे हैं अधिकारी
महादेवा मेले में कांवरियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एसडीएम पवन कुमार, सीओ आलोक पाठक व इंस्पेक्टर रत्नेश पांडेय मेला परिसर में 24 घंटे जुटे हैं। सीओ ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।