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आत्महत्या के लिए उकसाने में पति को पांच वर्ष की कैद

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बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक ने दहेज हत्या के एक मामले में अभियुक्त पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव के अनुसार 4 जनवरी 2017 को जिला बहराइच के कोतवाली देहात के नौवागढ़ी गोहा रोड निवासी विकास पांडेय ने कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसकी बहन डॉ. स्वाती पांडेय की शादी 7 मई 2015 को जिला गोरखपुर के थाना शाहपुर के प्रगति विहार कॉलोनी निवासी डॉ. विवेक पाठक के साथ हुई थी। उसकी बहन जिला अस्पताल भिनगा में ईएमओ के पद पर तैनात थी।
ससुराल वाले शादी के बाद से ही निजी अस्पताल बनवाने के लिए 20 लाख रुपये दहेज की मांग करने लगे। जिसके लिए पति विवेक व ससुराल वाले आए दिन मारते-पीटते थे। एक जनवरी 2017 को डॉ. स्वाती हिंद मेडिकल कॉलेज में पति डॉ. विवेक के पास आई थी। तीन जनवरी को रात में स्वाती ने फोन कर वादी व उसकी मां को विवेक द्वारा मारने-पीटने व धक्का देकर गिराने की बात बताई। इस पर उसकी मां ने दोनों को समझाया-बुझाया था।
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उसी सुबह चार बजे वादी के पिता के मोबाइल पर स्वाती के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली। वादी परिवारीजनों के साथ हिंद अस्पताल पहुंचे तो उसकी बहन का शव मिला तथा शरीर पर चोटों के निशान थे। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सेशन जज नाजनीन बानो ने अभियुक्त विवेक पाठक को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कठोर कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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