बाराबंकी। कृषि कानूनों का विरोध में बुधवार को किसानों ने भाकियू कार्यालय से पैदल मार्च निकाला। वे जब छाया चौराहा पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद पुलिस ने किसानों को कानून की प्रतियां नहीं जलाने दीं। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर को विरोध कर रहे किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान छाया चौराहे के निकट स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए। इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और भाकियू कार्यालय से लेकर छाया चौराहे तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके बाद भी किसान कृषि कानूनों की प्रतियां लहराते पैदल मार्च करते हुए छाया चौराहे तक पहुंच गये।
एसडीएम सदर अभय पांडेय और सीओ सिटी सीमा यादव यहां पर पहले से मौजूद थे। किसान इससे पहले कानूनों की प्रतियां जलाते मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने किसानों से कानून की प्रतियां छीन लीं। वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। इस मौके पर उत्तम सिंह, रामकिशोर पटेल, अनुपम वर्मा, सतीश वर्मा, दिनेश, गिरीश चंद्र, रामानंद, रईस अहमद, शिवनरायन, राधेेलाल, भगौती प्रसाद, ओमप्रकाश, पप्पू वर्मा आदि मौजूद।
‘कानून किसान हित में नहीं इसे वापस ले सरकार’
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिनाम वर्मा ने कहा कि कृषि कानून किसान हित में किसी भी तरह से नहीं है इसलिए सरकार इसे जल्द से जल्द वापस ले ले, इसी में उसकी भलाई है। क्योंकि जब तक कानून वापस नहीं होगा तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में 23 जनवरी को राजभवन का घेराव किया जाएगा।
इसी सिलसिले में वह जिलों का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। वहीं 26 जनवरी को एक लाख किसान दिल्ली में होने वाली परेड में तिरंगे के साथ शामिल होंगे। इसको लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। कहा कि योगी सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर हैं जिसकी वजह से धान किसान परेशान हैं। गन्ना पर्चे पर इस बार मूल्य की जगह जीरो लिखा हुआ है।