प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चन्द्रा ने शुक्रवार शाम करीब पौने छह बजे लोहिया समग्र गांव पीरानगर में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के आदेश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए। लेकिन जो पीड़ित थे उन्हें प्रमुख सचिव के पास तक पहुंचने ही नहीं दिया गया। उन्हीं लोगों को चौपाल में बैठाया गया था जो प्रशासन और प्रधान की भाषा बोल रहे थे। प्रमुख सचिव ने राशन वितरण में लापरवाही पर कोटे की दुकान को निलंबित करने का आदेश दिया। इसके अलावा दो महिलाओं की बात पर एलडीएम को बुलाकर कहा कि बीस हजार रुपये में अच्छी बकरी नहीं मिलती, भैंस कैसे खरीदी जा सकती है। जिस पर उन्हें फटकार लगाते हुए पात्रों को 80 हजार रुपये की धनराशि दिलाने के आदेश दिए।
प्रमुख सचिव शाम पौने छह बजे गांव पहुंचे तो गांव के बाहर बने प्रसाधन को देखते हुए लोगों से पूछा कि प्रसाधन का प्रयोग भी होता है या फिर यह शो-पीस हैं। जिस पर वीडीओ ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत लोग प्रसाधन का प्रयोग कर रहे हैं। बताया गया कि गांव में 476 प्रसाधन बनवाए गए हैं। शिकायतों की समीक्षा के दौरान ग्रामीण राजेश्वर को बुलाया और पूछा तहसील दिवस में शिकायत की थी, उसका निस्तारण हो गया। जिस पर उसने कहा कि अभी नहीं, जिस पर लेखपाल को फटकार लगाते हुए निराकरण के आदेश दिए। राशन का वितरण कार्डधारकों में न किए जाने की शिकायत पर कोटे की दुकान को निलंबित करने के आदेश दिए गए।
गांव की दो महिलाओं ने बताया कि उन्होंने भैंस खरीदने के लिए आवेदन किया था जिस पर बताया गया कि एक भैंस खरीद के लिए बीस हजार रुपये दिए गए। इस पर प्रमुख सचिव भड़क एलडीएम को बुलाकर फटकार लगाते हुए कहा कि बीस हजार रुपये अच्छी बकरी नहीं मिलती ये लोग भैंस कैसे खरीद लेंगे। इन्हें 80 हजार रुपये का लोन दिया जाए। प्रमुख सचिव ने कहा कि जिलास्तरीय अधिकारियों को कम से कम दो योजनाओं के विषय में पूरी जानकारी होनी चाहिए।