बाराबंकी। बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला अस्पताल में जहां बच्चों के लिए 12 बेड आरक्षित किए गए हैं, वहींं सीएचसी अधीक्षकों को इस संबंध में तैयारियां तेज कर कम से कम दो बेड आरक्षित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। निजी अस्पतालों को भी ऐसा कोई केस आने पर तत्काल कार्यालय को सूचना दिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के बाद सरकारी अस्पतालों ने निमोनिया से बच्चों को बचाने को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार की ओर से अलर्ट जारी कर सभी तैयारियां समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांटों को चालू हालत में रखने, दवाओं की उपलब्धता, बेडों की संख्या पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है। हालांकि अभी इस तरह को एक भी केस जिले में नहीं मिला है। इसके बाद भी विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला अस्पताल में बच्चाें के आठ बेड का एक वार्ड बनाया गया है, इसके अलावा चार बेड का ईटीसी वार्ड बनाया गया है। ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल भी दो दिन पूर्व कर लिया गया है, जिसके चालू हालत में होने का दावा किया गया है।
बच्चों को बीमारी से ऐसे बचाएं
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।
- यदि जरूरी होता है तो मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
- किसी भी प्रकार की दिक्कत पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
- बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें और गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 12 बेड के दो वार्ड आरक्षित किए गए हैं। बच्चों के दो डॉक्टर हैं, जिन्हें आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में सभी प्रकार की जांच और पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं।
- डॉ. ब्रजेश कुमार, सीएमएस
निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए सीएचसी पर सभी प्रकार की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश सभी अधीक्षकों को दिए गए हैं। हालांकि जिले में अभी इस तरह का कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ है।
- डॉ. डीके श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ