प्रसव कराने के लिए अस्पताल पहुंची गर्भवती को चिकित्सकों ने हाथ तक नही लगाया और वह फर्श पर पड़ी दर्द से दो घंटे तक कराहती रही है। यही नहीं चिकित्सक कमरा बंद करके अपने स्टाफ के साथ टीबी देखते रहे। अस्पताल मे हंगामे के बाद सुविधा न होने की बात कह जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतरिख में कस्बे की गर्भवती सुमन रावत (30) पत्नी रवि को लेकर घर के लोग प्रसव कराने के लिए पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. केतन आनंद ने गर्भवती को हाथ तक नहीं लगाया, और फर्श पर पड़ी गर्भवती दो घंटे तक अस्पताल में छटपटाती रही है। लेकिन किसी स्वास्थ्यकर्मी ने हाथ तक लगाना मुनासिब नहीं समझा।
तीमारदार मरीज को देखने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों से हाथ तक जोड़ते रहे। लेकिन किसी का भी दिल नहीं पसीजा और बंद कमरे मे चिकित्सक अपने स्टाफ के साथ टीबी देखते रहे है। जब तीमारदार काफी परेशान हो गए, तो उन्होंने अस्पताल मे जमकर हंगामा किया, तब हरकत मे आए स्वास्थ्यकर्मियों ने सुविधा न होने का हवाला देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आठ दिन पूर्व डॉक्टर की लापरवाही से गर्भवती की जा चुकी है जान
आठ दिन पूर्व ही सतरिख कस्बे के मोहल्ला मलिकाना की गर्भवती नाजिया बानो को घर के लोग सीएचसी लेकर पहुंचे थे लेकिन चिकित्सक ने हाथ नहीं लगाया था। और कुछ ही देर में मौत हो गयी थी। उसके बाद भी चिकित्सक अपनी मनमानी कर रहे हैं जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
सीएचसी सतरिख मे गर्भवती को क्यों नही भर्ती किया गया और फर्श पर पड़ी गर्भवती को दो घंटे तक किसी ने उपचार क्यों नहीं किया, पूरे मामले की जांच करायी जाएगी। इसमें लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. डीआर सिंह सीएमओ