लाख प्रयासों के बाद भी स्वयं शौचालय न बनवाने वाले दो ब्लॉकों के डेढ़ दर्जन प्रधानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके ग्राम निधि के खाते में दर्ज हस्ताक्षर को अमान्य कर दिया गया है। शौचालय बनवाने व उसका उपयोग करने केे बाद ही हस्ताक्षर मान्य किए जाएंगे।
बताते चलें कि केंद्र व प्रदेश की सरकार खुले में शौच से मुक्ति को लेकर पंचायती राज विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में यह प्रकाश में आया था कि जिले के 1169 ग्राम पंचातयों के अधिकतर प्रधानों के घरों में ही शौचालय नहीं बने हुए है।
जिस पर विभाग ने ऐसे प्रधानों को चिह्नित कर स्वयं से शौचालय बनवाने के निर्देश दिए थे। कई बार कहे जाने के बाद भी प्रधानों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जिस पर प्रभारी डीपीआरओ ने दो ब्लॉकों के 18 प्रधानों के ग्राम निधि के खाते पर दर्ज हस्ताक्षर को अमान्य कर दिया है। जिसके बाद यह प्रधान अपने हस्ताक्षर से किसी भी सरकारी लेनदेन का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। इन प्रधानों को एक सप्ताह में अपने-अपने घरों में शौचालय बनवाकर प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन प्रधानों के घर में ही शौचालय नहीं बने हैं उनमें फतेहपुर ब्लॉक के अचैंचा, कीरतपुर, टेढवा, देवखरिया, नकटौली, नांदकुई, बिरौली महाराज, हैदरगंज, रीवां चपरी व सरांय खासी ग्राम पंचायतों के प्रधान शामिल हैं। जबकि देवा ब्लॉक के धरसंडा, कैंमा, कैमई, मोहनपुर, सिसवारा, सिकंदरपुर, टाईखुर्द व उखड़ी गांवों के प्रधान शामिल हैं।