जैदपुर (बाराबंकी)। प्रशासनिक चूक कहें या लापरवाही या फिर कंप्यूटर ऑपरेटर की बड़ी गलती। जो नवनिर्वाचित प्रधानों की जाति राज्य निर्वाचन आयोग की ऑनलाइन वेबसाइट पर बदली दिखाई दे रही है। चुनाव प्रक्रिया के पूरे हुए डेढ़ महीने से अधिक का समय हो गया, लेकिन कंप्यूटर पर गलत फीडिंग को अब तक सही नहीं किया गया है। जिसके चलते कई प्रधानों की जाति आनलाइन गलत दिखाई देती हैं। पिछड़ी जाति के प्रधान के आगे अनुसूचित जाति दर्ज है। वहीं अनुसूचित जाति के आगे पिछड़ी जाति दर्ज कर दिया गया है।
हाल ही में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नामांकन प्रक्रिया के समय कंप्यूटर पर तैनात कर्मचारियों की घोर लापरवही मानें या जिम्मेदार आरओ, एआरओ की चूक कहें। जो हरख ब्लाक क्षेत्र के कई नवनिर्वाचित प्रधानों की जाति राज्य चुनाव आयोग की आनलाइन वेबसाइट पर गलत फीड कर दी गई। जिसकी चर्चा क्षेत्र के प्रधानों में खूब है। ग्राम पंचायत जैदपुर देहात के प्रधान अब्दुल तव्वाब पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव जीते हैं, जबकि इनकी जाति राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अनुसूचित जाति दिखाई गई है।
ग्राम पंचायत बलछट की सीट पर अन्य पिछड़ी जाति होने पर ग्राम प्रधान सुल्तान बने हैं, लेकिन इनकी जाति के आगे अनारक्षित फीड नजर आता है। ग्राम पंचायत तमरसेपुर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। जहां के प्रधान जगदीश प्रसाद निर्वाचित हुए हैं, जबकि इस सीट पर कई दावेदारों की जाति अन्य पिछ़ड़ी दर्ज दिखाई दे रही है।
जबकि अनुसूचित सीट पर कोई दूसरी जाति का चुनाव नहीं लड़ सकता है। बड़ी लापरवाही को डेढ़ माह बीत जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग की आनलाइन वेबसाइट पर अब तक सही नहीं किया गया हैं। जिसके चलते नए बने प्रधानों की जाति बदली हुई लिखी होने से लोग उनका उपहास भी उड़ा रहे हैं।