बाराबंकी। गल्ला कारोबारी देशराज की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी आशा बहू साधना और ग्राम प्रधान वीरेंद्र को हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है। दोनों को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कही जा रही है।
असंद्रा के छूलापाही गांव निवासी देशराज (48) गल्ला कारोबारी होने के साथ ही ट्रक भी चलवाते थे। बाराबंकी शहर में भी उनके दो मकान हैं। उनके साले विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर सूचना मिली कि बहनोई देशराज ने विषाक्त खा लिया है और जैदपुर थाना क्षेत्र में तकिया चौराहे के पास बेहोश पड़े हैं। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें जैदपुर सीएचसी ले गए लेकिन हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रेफर होने के बाद परिजन शहर के एक निजी अस्पताल ले गए जहां देर रात उनकी मौत हो गई।
पुलिस को देशराज के पास से एक सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने कोठी थाना क्षेत्र के लखनापुर गांव की आशा बहू साधना और यहां के ग्राम प्रधान वीरेंद्र समेत कई लोगों द्वारा 10 लाख रुपये हड़पने की बात कहीं है। सुसाइड नोट में लिखा कि इन लोगों को छोड़ना मत। कारोबारी की पत्नी विजयलक्ष्मी ने सोमवार शाम जैदपुर थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने ग्राम प्रधान व आशा बहू साधना पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि साधना और वीरेंद्र से पूछताछ की जा रही है।
दुष्कर्म के केस की धमकी देकर वसूले लाखों
मृतक की पत्नी विजयलक्ष्मी ने तहरीर में बताया कि वीरेंद्र ने गेहूं के कारोबार को लेकर उनके पति से 6.75 लाख रुपए लिए मगर वापस नहीं किए। इसके बाद साधना और वीरेंद्र ने विजयलक्ष्मी के नाम और साधना के फोटो वाला फर्जी आधार कार्ड बनाकर ब्लैकमेल किया और दुष्कर्म में फंसाने की धमकी देकर करीब 4.50 लाख रुपए भी वसूले।