बाराबंकी। उमस और भीषण गर्मी के बीच जिले में बदहाल बिजली व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। शहर में रोजाना तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती और लगातार ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग और फॉल्ट के चलते कई-कई घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मंगलवार को मसौली क्षेत्र में 33 केवी लाइन में खराबी से करीब ढाई सौ गांव प्रभावित हुए, वहीं बाबागंज-घुंघटेर और रामनगर डिवीजन के कई गांवों में भी घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
शहर में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के मोहल्ला कंपनीबाग, नेहरू नगर, घोसियाना और सत्यप्रेमी नगर में मंगलवार तड़के करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब दो घंटे तक लोग उमस भरी गर्मी में परेशान रहे। नेहरू नगर के लोगों ने अधिशासी अभियंता से शिकायत की, जिसके बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। सोमवार रात आलापुर, कोठीडीह, हनुमंतनगर और रामजानकी नगर में भी करीब 11 बजे बिजली चली गई। इंसुलेटर बदलने के बाद रात करीब एक बजे आपूर्ति शुरू हो सकी। मंगलवार दोपहर में भी शहर के कई इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग होती रही, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
फॉल्ट से 250 गांवों की बिजली चार घंटे रही ठप
मसौली क्षेत्र को बिजली देने वाली 33 केवी हाईटेंशन लाइन में मंगलवार सुबह तकनीकी खराबी आने से करीब चार घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। दहेजिया गांव के पास पीजी क्लैम्प जल गया और इंसुलेटर ब्लास्ट हो गया, जिससे मसौली विद्युत उपकेंद्र से जुड़े लगभग 250 गांवों की बिजली गुल हो गई। करीब चार घंटे की मरम्मत के बाद क्षतिग्रस्त उपकरण बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
बाबागंज-घुंघटेर के 50 गांवों में रातभर गुल रही बिजली
घुंघटेर-बाबागंज बिजली उपकेंद्र से जुड़े बाबागंज, घुंघटेर, मोहलिया, गड़िया, जमुआ, धौरहरा, पचास, हाजीपुर सहित करीब 50 गांवों में सोमवार रात लगभग 10:30 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे आपूर्ति बहाल होने तक क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी उमस भरी गर्मी में परेशान रही। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से इनवर्टर भी जवाब दे गए। मंगलवार सुबह तीन बजे आपूर्ति सामान्य कर दी गई।
फॉल्ट से सात घंटे बिजली ठप, स्कूलों में भी बढ़ी परेशानी
रामनगर डिवीजन के मसौली फीडर से जुड़े अनूपगंज, सआदतगंज समेत कई गांवों में मंगलवार सुबह करीब पांच बजे फॉल्ट आने से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लगातार सात घंटे बिजली नहीं रहने से क्षेत्र के लोगों को उमस भरी गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली संकट का असर परिषदीय और निजी विद्यालयों पर भी पड़ा। बिना बिजली के छात्र-छात्राओं को गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ी।