बाराबंकी। भीषण गर्मी में इमरजेंसी रोस्टिंग के कारण जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। इसके चलते शहर में 24 और गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा बेमानी साबित हो रहा है। गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग के कारण ट्रांसफार्मरों के साथ ही सप्लाई लाइन में आ रही फाल्ट शिकायत के बाद भी दुरुस्त होने में घंटों लग रहे हैं। इसके चलते घंटों बिजली गुल रहने से पेयजल के संकट की दिक्कत से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है।
शहर के मोहल्ला घोसियाना, नेहरू नगर व कंपनी बाग इलाके में शुक्रवार रात 12 बजे से सुबह साढ़े चार बजे तक बिजली गुल रही थी। नेहरू नगर के प्रियांशु अवस्थी ने बताया कि हेल्प लाइन नंबर 1912 पर कॉल करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लखपेड़ाबाग के निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात तीन बार में करीब डेढ़ घंटा बिजली कटी। बड़ेल शुभम ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के गांव के आसपास इलाके में लो-वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान हैं। शहर के मोहल्ला पीरबटान, गुलरियागार्दा, आजाद नगर, विजय नगर व दशहराबाग, महुआरी पुरवा में भी लोग लो-वोल्टेज से परेशान रहे।
12 से 13 घंटे मिल पा रही बिजली
सिरौली गौसपुर क्षेत्र में मरकामऊ व पुरनिया गांव में 132 केवीए के सब स्टेशन से 18 घंटे की जगह सिर्फ 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इस दौरान भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। उपकेंद्र मसौली में भी भीषण गर्मी में इमजरेंसी रोस्टिंग के नाम पर शाम को घंटों कटौती हो रही है। एसडीओ मसौली अभिषेक मल्ल ने बताया कि इस समय अनुरक्षण कार्य और लोकल फाल्ट से कटौती की जाती है।
डेढ़ गुना बढ़ा बिजली लोड
बाराबंकी। पॉवर कार्पोरेशन की अधीक्षण अभियंता राजबाला का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार बिजली की मांग व लोड करीब डेढ़ गुना बढ़ा है। इस कारण शाम को कुछ क्षेत्र में इमरजेंसी रोस्टिंग करनी पड़ रही है। इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को भी दे दी जाती है।