बाराबंकी। मांग बढ़ने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। ओवरलोडिंग झेल रहे फीडर व तारों में होने वाले फाॅल्ट तो परेशानी का सबब बने ही हैं, साथ ही शहर में रात में होने वाली अंधाधुंध कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सोमवार की रात शहर के कई मोहल्ले घंटों अंधेरे में डूबे रहे तो 10 घंटे में करीब सात बार बिजली आई और गई।
शहर की बिजली आपूर्ति बाराबंकी डिवीजन के पल्हरी व ओबरी उपकेंद्रों से होती है। इस समय पड़ रही भीषण गर्मी के कारण दिन व रात में बिजली की मांग बढ़ गई है। जिन घरों में पंखें से काम चल जाता था, वहां कूलर व एसी का प्रयोग बढ़ गया है। इससे लोड उपकेंद्रों, फीडरों व पूरी लाइन पर पड़ रहा है। सोमवार की रात सात से सुबह पांच बजे तक अभयनगर, हड्डीगंज, गांधीनगर, देवा रोड, आनंद भवन, लखपेड़ाबाग, बड़ेल, पैसार, आजादनगर, दशहराबाग, बड़ेल आदि इलाकों में करीब सात बार बिजली कटी।
इसमें 10 मिनट से आधा घंटे तक कटौती हुई। इससे पंखों के सहारे शहर के करीब एक लाख लोगों का सोना मुश्किल हो गया। वहीं, शांति विहार कॉलोनी में फाॅल्ट के कारण आधे मोहल्ले की बिजली आपूर्ति रात 11 बजे तक करीब तीन घंटे बाधित रही। एक्सईएन अंशुमान यादव का कहना है कि ओवरलोड के चलते दिक्कत हो रही है। टीम हर समय सक्रिय रहती है और फाॅल्ट को तुरंत दुरुस्त कराया जाता है।
ट्रांसफार्मर फुंका, बिजली गुल
कोटवाधाम (बाराबंकी)। रामनगर डिवीजन से चलने वाले सिरौलीगौसपुर बिजली उपकेंद्र से जुड़े खजुरी गांव में सोमवार देर रात आबादी के बीच गैस एजेंसी के बगल रखा ट्रांसफार्मर अचानक धू-धू कर जलने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने इसकी जानकारी उपकेंद्र पर देने की कोशिश की, मगर किसी कर्मचारी का फोन नहीं रिसीव हुआ। खजूरी गांव के एक मोहल्ले की बिजली आपूर्ति सोमवार शाम से बाधित है। एसडीओ रामगोपाल का कहना है कि ट्रांसफार्मर बदलने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही आपूर्ति लोगों को मिल जाएगी।