बाराबंकी। जिले में लगातार 18 घंटे हुई बारिश ने शहर समेत कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी। कई जगह पेड़ व डाल गिरने से तार टूट गए तो कहीं बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इंसुलेटर में पानी आने, जंपर उड़ने, तार टूटने व अन्य फाल्ट के कारण करीब 700 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार शाम तीन बजे तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इससे करीब साढे़ नौ लाख आबादी प्रभावित है।
नागेश्वरनाथ मंदिर के पास और लखपेड़ाबाग में पेड़ की डाल गिरने से दो तार टूट गए। वहीं पटेल तिराहे के पास बिजली के तार पर पेड़ गिर गया। इससे चार घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। देवा के गौरिया गांव के पास पेड़ गिरने से दो खंभे तिरछे हो गए। करीब तीन घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। चंदौली में पेड़ गिरने से मुख्य लाइन का तार टूट गया।
इसके अलावा पानी अंदर जाने से अंडरग्राउंड केबिल बॉक्स फुंक गया। इससे मसौली, जहांगीराबाद इलाके की बिजली आपूर्ति शाम चार बजे तक शुरू नहीं हो सकी। इससे लोगों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब एक लाख आबादी प्रभावित रही। रामसनेेहीघाट में रविवार रात से हो रही बारिश के कारण कोटवासड़क फीडर, इचौली, जैदपुर, चौरीआला दासपुर फीडर बंद है। इसके अलावा महाराजगंज, सनौली, लालपुर, रायपुर, राजपुर समेत आरएसघाट डिवीजन के करीब 400 गांव की बिजली आपूर्ति ठप है।
हैदरगढ़ में टाउन फीडर से जुड़े 12 मोहल्लों की आपूर्ति सुबह दस बजे से बंद है। हैदरगढ़ के ग्रामीण इलाके करीब 80 गांव की बिजली सुबह आठ बजे से गुल है। फाल्ट दुरुस्त करना तो दूर, बिजली कर्मचारी सात घंटे बीतने के बाद भी फाल्ट नहीं ढूंढ सके। इससे करीब एक लाख आबादी प्रभावित है।
फतेहपुर क्षेेत्र के निंदूरा गांव में रविवार रात करीब 11 बजे मुख्य लाइन पर पेड़ की डालने से तार टूट गए। इससे कुर्सी क्षेत्र में करीब 75 गांव की बिजली गुल रही। इसके कारण करीब 90 हजार की आबादी प्रभावित रही। बेलहरा में 55 गांव की बिजली आपूर्ति बंद होने से 60 हजार की आबादी प्रभावित रही। सभी स्थानों पर सोमवार दोपहर तीन बजे तक सप्लाई चालू नहीं हो सकी।
रामनगर डिवीजन में गणेशपुर के पास खंभे टूट गए। त्रिलोकपुर में इंसुलेटर में पानी आने व जंपर उड़ने से निजामपुर, अशोकपुर, नहामऊ, बेरिया समेत डिवीजन के 96 गांव की बिजली करीब 16 घंटे ठप रही। इससे करीब एक लाख आबादी प्रभावित रही। अधीक्षण अभियंता एएच खान का कहना है कि कर्मचारियों को फाल्ट दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
कई जगह फाल्ट दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति शुरू कराई गई है। हालांकि बारिश के चलते कार्य करने में कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी तिरछे खंभों को सीधे किए जा रहे हैं और टूटे खंभों को बदलने का भी कार्य किया जा रहा है।