देवा (बाराबंकी)। आलू का भाव 2750 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने के बाद अब गिरा शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों में आलू के दाम में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की कमी आई है। इसके चलते किसानों ने आलू की निकासी की भी धीमी कर दी है। इसके पीछे मंडियों ने आवक अधिक और मुहर्रम को मुख्य वजह माना जा रहा है। इसके बावजूद फिलहाल फुटकर बाजार में आलू का भाव पुराने स्तर पर कायम बना है।
जनपद में इस बार 22 हजार हेक्टेअर आलू का रकबा में फसल बोई गई थी। इसके सापेक्ष कोल्ड स्टोर में करीब 5.30 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। काफी समय से आलू में घाटा उठाने के बाद इस वर्ष किसानों को उनकी फसल का अब तक का सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। आलू व्यवसायी राशिद राइन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आलू का भाव 2750 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था, लेकिन अब 2450 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया है। जिले के कोल्ड स्टोरेज में अब तक करीब 30 प्रतिशत आलू की निकासी हो चुकी है। वर्तमान में पोटैटो बेल्ट देवा क्षेत्र से झारखंड, बिहार सहित यूपी की पडरौना, कासिया, तमकुही, देवरिया, सिसवा, गोरखपुर, मिचरौल आदि आलू की मंडी में भेजा जा रहा है।
वैष्णवी आलू कंपनी के प्रोपराइटर दीपक सिंह बताते हैं कि दाम गिरने के बाद भी किसानों को आलू का इतना अधिक भाव कभी नहीं मिला है। डीएचओ महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शीतगृहों में नियमित निकासी होती रहे, इसके लिए निगरानी की जा रही है।