बीज उत्पादन के लिए मंगाया गया आलू का प्रमाणित बीज बिक्री न होने से सड़ने लगा लगा है। आलू बोआई का सत्र समाप्त होता देख अधिकारियों ने बचे हुए आलू को वापस कराने के संबंध में शासन को पत्र लिखा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला इससे अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं। आलू नहीं बिका तो करीब दो लाख रुपये का नुकसान उद्यान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जेब से भरेंगे।
जिला उद्यान विभाग को इस बार शासन से किसानों को बीज उत्पादन के लिए 400 क्विंटल सफेद रंग का कुफरी चिपसोना प्रजाति के आलू का प्रमाणित बीज वितरण करने का लक्ष्य मिला था। आवंटित बीज में से विभाग द्वाराो326 क्विंटल बीज लखनऊ के मंगाया था। किसानों को यह आलू 2480 रुपये प्रति क्विंटल बेंचा जाना था। इसमें से 296 क्विंटल किसानों ने खरीदा बाकी बचा 30 क्विंटल आलू शहर के उद्यान पार्क में पड़ा सड़ रहा है।
बिक्री न होता देख विभाग द्वारा करीब 42 क्विंटल आलू लखनऊ से मंगाने से हाथ खड़े कर दिए। अब संकट यह है कि लखनऊ में बचा और पार्क में सड़ रहे आलू का क्या किया जाए। इस संबंध में डीएचओ ने शासन को पत्र भेज कर दिशा निर्देश मांगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में करीब दो लाख रुपये के नुकसान को अधिकारी और कर्मचारियों जेब से भरे जाने की आशंका जता रहे हैं।