बाराबंकी। शहर में पल्हरी चौराहे पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव व सपा मुखिया अखिलेश यादव की विवादित होर्डिंग से सियासी पारा चढ़ गया। मंगलवार सुबह सपाइयों की होर्डिंग पर नजर पड़ी तो आक्रोश बढ़ गया। तुरंत होर्डिंग फाड़ दी गई। सपाइयों ने अराजकता फैलाने का आरोप लगा कोतवाली में तहरीर दी।
होर्डिंग में सपा संस्थापक और सपा सुप्रीमो सफेद टोपी में दिख रहे हैं। उसी पर बड़े अक्षरों में दिल में बाबर मुंह में राम लिखा है। इसके अलावा अयोध्या में रात के अंधेरे में मूर्तियां रख दी गईं थीं व बाबरी के लिए अयोध्या में और भी कारसेवक मारने पड़ते तो मार देते... लिखा गया है। दो अखबारों की कटिंग भी प्रकाशित की गई है।
इसके पूर्व भी अखिलेश यादव को लेकर विवादित होर्डिंग लगाई जा चुकी हैं, जिसको लेकर माहौल गरमा गया था। सपाइयों ने उस वक्त भी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी।
पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश
जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद के नेतृत्व में सपा पदाधिकारियों ने नगर कोतवाली में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि अराजकतत्वों ने जानबूझकर ये होर्डिंग लगाई है। इन होर्डिंग का मुख्य मकसद पार्टी की छवि को खराब करना है।
पदाधिकारियों ने ऐसी हरकतों को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया। इस मौके पर बाबूल मिश्रा, शान सिद्दीकी, मेराज आलम, सूरज यादव, शांतिओम, साफेजुबेरी, पूनम यादव आदि मौजूद रहे। कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।