रामसनेहीघाट। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के सधवापुर गांव में दंपती गणेश व उनकी पत्नी कलावती की विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच में जुटी है। कोतवाली के एक दरोगा ने गांव के कई लोगों से पूछताछ की परिजन से भी मिले, लेकिन कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। इकलौते पुत्र के दुर्व्यवहार से आहत होकर आत्महत्या किए जाने की बात दबी जुबान से गांव के लोग कह रहे हैं।
दंपती अपने पुस्तैनी मकान में पुत्र पवन कुमार से अलग रहकर जीवन यापन कर रहे थे। बताया जाता है कि गणेश ने अपनी कुछ जमीन बेटे पवन को दे दी थी, जबकि शेष भूमि और वृद्धावस्था पेंशन के सहारे दंपती गुजर बसर कर रहे थे। पवन अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ सामने बने प्रधानमंत्री आवास में रहता है।
गांव में चर्चा है कि पिता पुत्र के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी होती रहती थी। सोमवार को भी विवाद हुआ। पवन कुमार के अभद्र व्यवहार ने दोनों को काफी आहत किया। मंगलवार शाम दोनों ने कोई विषाक्त पदार्थ खा लिया। सीएचसी से दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान पहले गणेश की मौत हो गई। इसके कुछ समय बाद कलावती ने भी लखनऊ रेफर किए जाने के बाद दम तोड़ दिया था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ला का कहना है कि इस मामले में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है, इसलिए जांच का कोई ठोस आधार नहीं बन पा रहा। फिर भी गांव के लोगों से पूछताछ की गई है। परिवार में भी गम का माहौल है। बेटी भी कुछ बोल नहीं रही।