जैदपुर (बाराबंकी)। जिस जमीन को 14 लाख रुपये में बेच दिया था, उसी जमीन पर विक्रेता ने 15 लाख रुपये का ऋण ले लिया। क्रेता की शिकायत पर पिछले वर्ष सात अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करना भूल गई। पीड़ित ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
बाराबंकी शहर निवासी मो. जमील ने बताया कि जैदपुर क्षेत्र के मुरलीगंज गांव में उनका ईंट-भट्ठा है। 15 नवंबर, 2010 को कोठी क्षेत्र के बीरापुर निवासाी संतराम से 41 बिस्वा व उनके पुत्र राकेश से 20 बिस्वा खेत लगभग 14 लाख रुपये में बैनामा कराकर खरीदा था। जिसका दाखिल खारिज सात मार्च, 2013 को हैदरगढ़ तहसील के चकबंदी अधिकारी द्वारा की गई थी। लेकिन चकबंदी प्रक्रिया निरस्त होने के बाद जमीन खतौनी में संतराम व राकेश के नाम फिर चढ़ गई।
इसी खतौनी के आधार पर पिता-पुत्र ने जैदपुर की केनरा बैंक शाखा व नगर कोतवाली की स्टेट बैंक व ग्रामीण बैंक शाखा से करीब 15 लाख रुपये का ऋण ले लिया। जिसकी अदायगी न करने किए जाने के कारण जमीन बंधक है। क्रेता के नाम जमीन की दाखिल-खारिज नहीं हो पा रही। पीड़ित मो. जमील ने बताया कि एसपी ने मामले में शीघ्र कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।